अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। ढाई साल पूर्व सीएम ने शहर के बीचों बीच बह रहे नाले को कवर किए जाने की योजना की घोषणा की थी। इसके तहत नगर परिषद ने करीब 24 करोड़ का बजट बनाकर छह माह पहले चंडीगढ़ भेजा था, मगर वह पास नहीं हुआ। नप प्रशासन इस बजट के इंतजार में है। जबकि नाले की हालत के साथ-साथ इस पर बने पुलों की सेफ्टी वाल टूटती जा रही है। इससे कभी भी हादसे हो सकते हैं।
वाल टूटने की वजह से दो साल पूर्व रविदास मंदिर के पास एक कार नाले में भी जा गिरी थी। अब बरसात के मौसम में खतरा ज्यादा हो गया है। सेफ्टी वाल न होने की वजह से लोगों को भारी परेशानी भी हो रही है। इस नाले पर बने करीब दस पुलों में से अधिकतर की सेफ्टी वाल पूरी तरह टूट हुई है। जिनके निर्माण की ओर नप कोई ध्यान नहीं दे रही है। हालांकि अब नप इस पूरे नाले को कवर करने की योजना बना रही है, मगर इस योजना को अमलीजामा पहनाने में काफी समय लग सकता है।
बरसाती व शहर के गंदे पानी की निकासी के लिए शहर के बीचोंबीच करीब दो दशक पूर्व गंदे नाले का निर्माण किया गया था। इससे पूर्व यहां पर छलक नदी बहती थी। जिस पर लोगों ने अतिक्रमण भी कर लिया था। 1996 में शहर में आई बाढ़ के बाद नगर परिषद द्वारा इस नाले का निर्माण कराया गया था। इस नाले के निर्माण के समय छलक नदी के बीच बने काफी मकानों को भी हटाया गया था। यह नाला शहर के पश्चिम में निजामपुर रोड के पास मोहल्ला सलामपुरा से शुरू होकर मोहल्ला महल, मिश्रवाड़ा, गस्तीवाड़ा, पुल बाजार, चांदुवाड़ा, शनि मंदिर, रामानंद राधेश्याम धर्मशाला, पुलिस लाइन व गोशाला रोड के साथ से होता हुआ रेवाड़ी रोड पर कैलाश नगर में जाकर समाप्त होता है। नाले की लंबाई करीब तीन किलोमीटर है। उस समय नाले के निर्माण पर करीब 15 लाख रुपये का खर्चा आया था। अब यह नाला जगह-जगह से टूट गया है।
कहां-कहां टूटी है सेफ्टी वाल
करीब तीन किलोमीटर लंबे इस नाले पर दस से भी ज्यादा पुल बने हुए हैं। इनमें छोटा तालाब के पास, मोहल्ला महल के पास, रविदास मंदिर के साथ, पुल बाजार से दशमेश नगर, शिवाजी नगर, शनि मंदिर के पास, गोशाला के सामने तथा रेवाड़ी रोड पर बने पुलों की सेफ्टी वाल पूरी तरह से टूट गई है।
रोजाना जाते हैं हजारों वाहन
इस नाले पर बने पुलों पर से रोजाना स्कूली वाहन समेत अनेक छोटे-बड़े हजारों वाहन गुजरते हैं। यह नाला शहर के बीचोंबीच से गया हुआ है। इसके कारण एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने के लिए लोग इस नाले को पार करते हैं। ऐसे में इस नाले के पुलों से हजारों वाहन रोजाना गुजरते हैं।
कई बार हो चुके हैं हादसे
- रविदास मंदिर के पास वाल टूटी होने के कारण करीब एक साल पूर्व एक कार इसमें जा गिरी थी, गनीमत यह रही कि उस समय किसी को कोई चोट नहीं आई।
- दो साल रेवाड़ी रोड पर भी नालेे में कार गिर गई थी। इसमें कई लोग घायल हुए थे।
नेशनल हाइवे पर भी टूटा नाले का पुल
यह नाला नेशनल हाइवे नंबर 11 से भी रेवाड़ी रोड पर सैनी धर्मशाला के साथ से गुजरता है। यहां पर घुमावदार मोड़ भी है, मगर नाले के पुल की सेफ्टी वाल यहां भी टूटी हुई है। जो कसी भी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रही है। इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा।
बोले शहरवासी
नाले पर से कई स्कूली वाहन रोजाना आते-जाते हैं। ऐसे में कोई वाहन नाले में गिर गया तो अनेक बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं।
- प्रीतम वशिष्ठ
नाले में इस समय बरसात का पानी लबालब चल रहा है। ऐसे में यदि कोई वाहन इसमें गिर जाए तो बड़ा हादसा भी हो सकता है।
- समीर कुमार
टूटे हुए सेफ्टी वाल के कारण वाहन चालकों को भी नाले को पार करने में भारी परेशानी होती है। वे बड़े ध्यान से यहां पर वाहन निकालते हैं। वहीं उन्हें हर वक्त हादसे का डर भी रहता है।
- शक्ति सिंह
नाले पर बने पुलों की सेफ्टी वालों को जल्द से जल्द ठीक कराना चाहिए। इनसे कोई भी हादसा होने का डर बना रहता है।
- महेश कुमार
वर्जन
पूरे नाले को कवर करने की योजना है। इस पर करीब 24 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कवर हो जाने के बाद नाले पर कोई पुल नहीं बचेगा। फिलहाल जहां पुल टूटे हैं, उनको ठीक करा दिया जाएगा।
- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।