अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर के पार्कों की हालत खस्ता बनी हुई है। सबसे ज्यादा बुरा हाल शहर के सबसे बड़े नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क का है। इस पार्क में डी प्लान के तहत लगाए गए झूले टूट गए हैं। इसके कारण बच्चे झूला झूलने से वंचित हो गए हैं। वहीं, इन टूटे झूलों की कोई सुध तक लेने वाला नहीं है।
शहर के सबसे बड़े नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क में डी प्लान के तहत करीब एक साल पूर्व बच्चों के कार्नर में झूले लगाए गए थे। उस समय इन झूलों की लागत करीब दस लाख रुपये थी। मगर कुछ दिन बाद ही ये झूले टूटने लग गए। हालत ये हैं कि अब तक करीब पांच झूले टूट गए हैं। वहीं करीब तीन झूले टूटने के कगार पर हैं। झूले टूट जाने की वजह से पार्क में झूलने के लिए आने वाले बच्चे हताश हैं। बच्चों का कहना है कि प्रशासन को इन झूलों को ठीक कराना चाहिए, ताकि वे इन पर झूलकर अपना मनोरंजन कर सकें।
कई तरह के लगाए थे झूले
पार्क में कई तहत के झूले लगाए गए थे। इनमें स्लाइड, सी-सा के अलावा अन्य कई प्रकार के झूल शामिल थे। मगर अब हालत यह है कि इनमें से अधिकतर झूले टूट गए हैं।
बच्चों के कार्नर की हालत भी खस्ता
सुभाष पार्क में बने बच्चों के कार्नर की हालत भी खस्ता बनी हुई है। यहां पर चारदीवारी भी टूट गई है। वहीं बच्चों के कार्नर के पास घास भी सही से नहीं उगाई गई। इससे भी बच्चों को काफी परेशानी होती है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क की हालत बेकार होती जा रही है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। यहां पर अनेक लोग घूमने के लिए आते हैं।
- प्रवेश जैन
वे अपनी बेटी को पार्क में घूमाने के लिए लाते थे, मगर अब झूले टूट गए हैं तो बेटी आने से मना करती है।
- सोनू कौशिक
पार्क के सारे झूले टूट गए हैं। नप को चाहिए कि इन झूलों को जल्द से जल्द ठीक कराए, ताकि बच्चे यहां पर टहलने आएं।
- संदीप