अवैध खनन की रोकथाम में सरकार जितनी सख्त, अधिकारी उतने ही नरम
नांगल चौधरी। अवैध खनन व बजरी वाशिंग प्लांटों की रोकथाम को लेकर सरकार गंभीर है। जिला उपायुक्त ने एसपी को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद कृष्णावती नदी में अवैध खनन व बजरी वाशिंग प्लांटों पर अंकुश नहीं लग रहा। ग्रामीणों के मुताबिक माइनिंग विभाग स्थिति से अवगत है, किंतु मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं कर रहा। जिससे अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कृष्णावती नदी से दोस्तपुर, भेडंटी, ढाणी जाजमा, नोलायजा, शहबाजपुर, बिहारीपुर, आंतरी, नांगल पीपा समेत दर्जनों गांवों की सीमा अटैच है। 20 साल पहले तक नदी 4-5 महीने लगातार बहती थी। जिससे भूजल रिचार्ज होने के कारण किसान खुशहाल थे। उसी दौरान करीब 10-12 साल से नदी में बजरी वाशिंग का कारोबार शुरू हो गया। शिकायत मिलने पर 24 अगस्त 2015 को तत्कालीन जिला उपायुक्त अतुल द्विवेदी द्वारा टास्क फोर्स गठित की गई थी। उनके निर्देशानुसार 8-10 बार प्लांटों की तोड़फोड़ की गई। इसके बाद डीसी रहे संजीव वर्मा ने भी नदी में धारा 144 लगाकर अवैध खनन रोके रखा। उनका तबादला होते ही खनन माफिया फिर से सक्रिय हो गया। ढाणी जाजमा की सीमा में दोबारा अवैध खनन व बजरी वाशिंग शुरू हो गई। रोकथाम को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता महाबीर प्रसाद द्वारा हाईकोर्ट में पीटीशन दायर की गई थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस की बैंच ने प्लांट संचालक देशराज पुत्र रामेश्वर, जिला उपायुक्त व विभिन्न विभागों के मुखिया को तलब किया। कोर्ट द्वारा प्लांटों की परमिशन संबंधित सवाल पूछने पर संचालक व अधिकारी बगलें झांकने लगे। अतिरिक्त एडवोकेट जनरल ने उक्त प्लांट अवैध होने की पुष्टि की। जिस पर सख्त न्यायाधीश ने तुरंत बंद कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन मिलीभगत से चलते प्लांट धड़ल्ले से चल रहे हैं। संचालक अरावली जोन से बजरी खनन कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी में बजरी खनन व वाशिंग माइनिंग विभाग की मिलीभगत से हो रहा है। क्योंकि शिकायत करने पर एमओ कॉल ही रिसीव नहीं करता। पिछले एक साल में सर्वाधिक अवैध खनन हो रहा है। कृष्णावती नदी में 40-50 फीट गहराई तक बजरी निकाल ली गई है।
सभी प्लांट अवैध, जल्द होगी कार्रवाई
प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ मोहित मुदगिल ने बताया कि कृष्णावती नदी में संचालित सभी प्लांट अवैध हैं। जिन्हें पिछले दिनों तोड़ा गया था। बावजूद संचालक अवैध कारोबार छोड़ने को तैयार नहीं। जल्द ही कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
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