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तीन घंटे लाइन में लगने के बाद केवल 18 किसानों को मिला डीएपी, बाकी खाली हाथ लौटे

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। सरसों की बिजाई का सीजन शुरू होते ही किसानों के सामने डीएपी खाद की संकट आ गया है। डीएपी के लिए करीब 60 किसान मंगलवार सुुबह छह बजे से ही लाइन में लग गए। कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी सभी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा। किसान पिछले एक सप्ताह से इस तरह से ही काम छोड़कर खाद लेने के लिए लाइन में खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को केवल 18 किसानों को खाद मिला।
बता दें कि जिले में सबसे अधिक एरिया में सरसों की बिजाई होती है। फिलहाल सरसों की बिजाई शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार 25 अक्तूबर तक सरसों की बिजाई के लिए सबसे बेहतर समय है। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है। किसान सुबह से ही लाइन में लग रहे हैं। मंगलवार सुबह छह बजे से ही अनाज मंडी के पास रेलवे रोड स्थित को-ऑपरेटिव सोसायटी के ऑफिस के बाहर किसानों की लाइन लग गई। सोसायटी का कार्यालय खुलने के समय से तीन-चार घंटे पहले ही किसान लाइनों में खड़े हो जाते हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद किसान रसीद काउंटर तक पहुुंचते हैं तो उन्हें खाद खत्म होने के बारे कहा जाता है।
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प्राइवेट दुकान पर मिलता है 1450 रुपये का बैग
सोसाइटी की दुकान पर प्रति बैग के 1290 रुपये के हिसाब से एक किसान को पांच बैग दिए जाते हैं। गोदाम में खाद खत्म होने पर किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। जबकि किसान को यही डीएपी खाद प्राइवेट दुकान पर 1425 से 1450 रुपये में मिल रहा है।


गांव न्यौनावास के किसान रोहताश ने बताया तीन दिन से लगातार सोसायटी कार्यालय आकर खाली हाथ लौट रहे हैं। 20 एकड़ में सरसों बुआई के लिए 20 बैग खाद चाहिए। रोजाना लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रहा। बाहर प्राइवेट दुकानदार 1450 रुपये प्रति बैग के हिसाब से खाद बेच रहे हैं।
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गांव सिसोठ निवासी रामनिवास बोले सबसे पहले खाद लेने के लिए सुबह छह बजे लाइन में लग गया था। दोपहर के 12 बज गए अब तक नंबर नहीं आया। मुझे 5 एकड़ में सरसों के लिए 5 बैग की जरूरत है। आज खाद खत्म हो गया बता रहे हैं। अब कल फिर से आकर लाइन में लगना पड़ेगा।
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गांव माजरा निवासी युवा किसान विनय ने कहा साहब दस कट्टे लेने के लिए लाइन में लगे हैं। सुबह 9 बजे से 12 बजे यहां एक ही कर्मचारी है। जिसने अब तक केवल 18 किसानों की पर्ची ही निकाली है। अब वही कर्मचारी पहले गोदाम से खाद वितरण कराएगा। इसके बाद फिर से आकर पर्ची काटेगा।
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गांव गाजावास निवासी सीताराम ने कहा सुुबह 4 बजे से ही घर से निकल आया था। जल्दी आकर सबसे पहले खाद लेना चाहता था।जब यहां आया तो देखा काफी किसान मेरे से पहले ही लाइन में लगे थे। अब दोपहर 12 बजे तक तो नंबर ही नहीं आया।अब पता नहीं आज खाद मिलेगा या नहीं ।
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झगड़ौली निवासी धर्मपाल ने बताया कि 19 बैग खाद लेना है। अब 5 बैग ही खाद मिल पाया है। इस हिसाब से तो मुझे तीन दिन और लाइन में लगना पड़ेगा। सरकार की ओर से खाद को लिए अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए थी।यहां कर्मचारी कम हैं ,खाद पूरा नहीं है। किसानों की समस्या को कोई पूछ नहीं रहा।
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गांव लावण निवासी महिला किसान शांति देवी ने कहा सुुबह से ही लाइन में खड़े हैं। एक किसान को खाद देने में ही 10 से 15 मिनट का समय लग रहा है। सुबह से केवल 18 लोगों का ही नंबर आया है। मंगलवार को खाद खत्म हो गया। बुधवार को फिर से आकर लाइन में लगना पड़ेगा। पता नहीं फिर भी खाद मिल पाएगा या नहीं।
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