अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
क्षेत्र के लोगों को जल्द ही इलेक्ट्रिक रेलवे लाइन की सौगात मिलने वाली है। इसके बाद महेंद्रगढ़ से दिल्ली का सफर तीन घंटे के बजाए दो घंटे में तय किया जा सकेगा। रेवाड़ी से हनुमानगढ़ तक इलेक्ट्रिक लाइन का टेंडर फाइनल स्टेज पर पहुंच चुका है। कुछ दिनों बाद ही टेंडर ओपन हो जाएगा। 250 किलोमीटर रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिकफिकेशन 250 करोड़ रुपये से किया जाना है। इसको इलेक्ट्रिक करने में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा।
उम्मीद हैं रेवाड़ी से सादलपुर 150 किलोमीटर रेलवे लाइन 2019 तक इलेक्ट्रिक हो जाएगी। इलेक्ट्रिक ट्रेन के शुरू होने के बाद दैनिक यात्रियों का समय बचेगा। फिलहाल महेंद्रगढ़ से दिल्ली तक चलने वाली डीजल इंजन एक्सप्रेस ट्रेन तीन घंटे का समय लेती है। इलेक्ट्रिक ट्रेन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे दिल्ली का सफर डेढ़ से दो घंटे का ही रह जाएगा।
केंद्र सरकार ने आम बजट में की थी घोषणा
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2018-19 के आम बजट में रेवाड़ी से हनुमानगढ़ तक रेलवे लाइन को इलेक्ट्रिक करने की घोषणा की थी। इसके लिए 250 करोड़ रुपये की राशि बजट में मंजूर की थी। अब इस रेलवे लाइन की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
डीजल इंजन का युग होगा समाप्त
इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन के बाद वर्षों से इस्तेमाल में लाए जा रहे डीजल इंजन का युग समाप्त हो जाएगा। इस समय महेंद्रगढ़ से दिल्ली, रेवाड़ी, हिसार, बीकानेर, हावड़ा, हरिद्वार के बीच डीजल इंजन वाली ट्रेनें चलती हैं।
ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव
महेंद्रगढ़ वासियों की काफी समय से मांग है कि महेंद्रगढ़ से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की जाए। महेंद्रगढ़ से सुबह पांच बजे के बाद सुबह 10:30 बजे दिल्ली की ओर ट्रेन जाती है। साढ़े पांच घंटे के अंतराल में कोई ट्रेन दिल्ली नहीं जाती। इस कारण दैनिक रेलयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। महेंद्रगढ़ से प्रतिदिन सैकड़ों लोग कारोबार के सिलसिले दिल्ली जाते हैं। इलेक्ट्रिक ट्रेन शुरू होने के बाद महेंद्रगढ़ से ज्यादा ट्रेनों का संचालन संभव हो जाएगा।
ये होंगे लाभ
- डीजल इंजन के धुएं से होने वाले प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
- ट्रेनों की औसत गति में बढ़ोतरी होगी।
- बिजली इंजनों की लोड क्षमता अधिक होने के कारण अधिक भार वहन किया जा सकेगा।
वर्जन
रेवाड़ी से हनुमानगढ़ इलेक्ट्रिक लाइन का 250 करोड़ रुपये का टेंडर फाइनल स्टेज है। उम्मीद है कि दो वर्ष में 250 किलोमीटर रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाएगा।
- अजय शर्मा, सीनियर डीसीएम, बीकानेर मंडल।