जिला अस्पताल में बना कोरोना आइसोलेशन वार्ड।
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जिला स्वास्थ्य विभाग बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पटीकरा में 100 बेड का कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड बनाने जा रहा। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर 100 लोगों को एक साथ आइसोलेट किया जा सके। अभी जिला अस्पताल में 25 बेड का आइसोलेशन वार्ड है।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि पटीकरा गांव स्थित बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में कोविड-19 के लिए 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया जाना है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल में इसे बनाने के लिए जरूरी इंतजाम किया जा रहा है। जिससे एक साथ सौ लोगों को आइसोलेट किया जा सके। सीएमओ ने बताया कि किसी भी आपात स्थित से निपटने के लिए निजी अस्पतालों से टाइअप किया गया है। इससे उनके वेंटिलेटर का उपयोग में लाया जा सके। निजी अस्पतालों ने नौ वेंटिलेटर उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें विजय अस्पताल, संवेदना, जयपुर हार्ट व लक्ष्मी अस्पताल समेत दो अन्य अस्पताल शामिल हैं। दूसरी ओर जीएच के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय विश्नाई, डॉ. हर्ष चौहान व डॉ. दीपक शर्मा ने आयुर्वेदिक अस्पताल का वीरवार की शाम निरीक्षण किया। डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल के बेड सही मिले हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में जगह की कमी नहीं है। इसे 100 बेड के कोविड-19 का आइसोलेशन वार्ड बनाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी सामान खरीदा जा रहा है। अस्पताल में लिफ्ट, पावर बैंकअप और रैंप समेत अन्य सभी संसाधन है।
गंभीर मरीज जीएच में सामान्य कोविड-19 अस्पताल में
डॉ. राजेश ने बताया कि कोरोना के गंभीर मरीजों को नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा क्यों कि यहां पर वेंटिलेटर की सुविधा मिल जाएगी। जीएच में 25 बेड का आइसोलेशन वार्ड है। दूसरी ओर कोविड 19 अस्पताल में सामान्य कोरोना मरीजों को रखा जाएगा। इसी को ध्यान में रखकर पूरी तैयारी की जा रही है।
जीएच में दो वेंटिलेटर युक्त आईसीयू जल्द
जिला नागरिक अस्पताल में अभी वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है। ऐसे में गंभीर बीमारी के मरीजों का उपचार जीएच में नहीं हो पता है। कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों के लिए भी वेंटिलेटर जरूरी है। सिंघानिया यूनिवर्सिटी पचेरी ने कोरोना वायरस को देखते हुए नारनौल जीएच को सहायता राशि दे रहा था। जिस पर सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने उन्हें वेंटिलेटर मशीन उपलब्ध कराने को कहा। जिसे यूनिवर्सिटी ने मान लिया। नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि नए भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित एनआरसी में वेंटिलेटर लगाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि पहले सिंघानिया यूनिवर्सिटी की मदद से दो वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बनाया जाएगा। इसके बाद पांच वेंटिलेटर मशीनें विभाग उपलब्ध कराएगा। इसमें तीन वेंटिलेटर सामान्य के लिए, जबकि दो बच्चों के लिए होगी। ऐसे में आईसीयू सात बेड का होगा। आईसीयू वार्ड के लिए 24 घंटे आक्सीजन गैस की जरूरत होगी। इसके लिए 30 सिलिंडर का आक्सीजन चेंबर बनाया जा रहा। इसके साथ ही मॉनीटर, ईसीजी मशीन, एबीजेएस मशीन समेत अन्य उपकरण लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आपातकालीन वार्ड में आक्सीजन पाइप से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए अलग से से चेंबर बनेगा।