नारनौल। शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आवश्यक जानकारी उपलब्ध न कराने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। महानिदेशक मौलिक शिक्षा अधिकारी के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के 10 स्कूलों को नोटिस जारी किया है। 30 हजार से 70 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अप्रैल माह से शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया में जिले के 224 स्कूल शामिल थे। इनमें से लगभग 85 स्कूल बीच में ही बंद हो गए। शेष स्कूलों में से 10 स्कूलों ने समय रहते विभाग को जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
नियमों के अनुसार अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत स्कूलों को पहली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें जरूरतमंद और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती है और उसकी जानकारी विभाग को देना है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कुछ स्कूलों ने दाखिले और आरक्षित सीटों से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्कूलों पर आर्थिक दंड लगाया गया है। यह जुर्माना 30 हजार से 70 हजार रुपये तक निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य शिक्षा अधिकार अधिनियम को सख्ती से लागू करना और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अवसर सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि किसी स्कूल ने नियमों की अवहेलना की तो उनके खिलाफ और भी कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन-
शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी नहीं देने पर विभाग ने जुर्माना लगाया है। इसमें 10 निजी स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों पर 30 से 70 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया गया है।-सुनील दत्त। जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
इंसेट
इन स्कूलों पर लगाया गया जुर्माना
यदुवंशी शिक्षा निकेतन कनीना, आरकेवाई इंटरनेशनल स्कूल कोटिया, यदुवंशी शिक्षा निकेतन सतनाली, लंबोरिया अकादमी बुढ़वाल, सैनी मीडिल स्कूल नांगल चौधरी, शिव शक्ति मीडिल स्कूल आंतरी, संस्कार भारती पब्लिक स्कूल कोरियावास, एसएसबी पब्लिक स्कूल पवेरा, दी वेदांता इंटरनेशनल स्कूल नारनौल, रोहताश इंटरनेशनल स्कूल अटेली मंडी है।