कुरुक्षेत्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाए जाने का सपना देख रहे हैं लेकिन हरियाणा प्रदेश इससे पहले 2035 तक विकसित हो जाएगा। यही नहीं इससे भी पहले वर्ष 2030 कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र को विकसित बना लिया जाएगा, जो देश का सबसे पहला लोकसभा क्षेत्र होगा। यह दावा सांसद नवीन जिंदल ने अपने वर्तमान कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर किया। पिपली रोड पर एक निजी पैलेस में पहले कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की तो बाद में पत्रकारों से भी एक साल में किए कार्यों व भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा फोकस युवाओं पर है, जो रोजगार मांगने वाले नहीं देने वाले बनेंगे। उन्हें तकनीकी कोर्स करवाने के लिए नवीन अवसर नवीन प्रयास कौशल विकास केंद्र की जिंदल सिटी कुरुक्षेत्र से शुरुआत कर दी गई है। उनके सकंल्प पत्र में ये सबसे बड़ा वादा था और अगले तीन महीने में यह केंद्र शुरू हो जाएगा। वहीं महात्मा ज्योतिबा फुले बहलोलपुर आईटीआई को पीपीपी मोड पर आधुनिक बनाने के लिए जिंदल फाउंडेशन के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर एमओयू साइन किया जाएगा। इसकी सफलता के बाद अन्य 17 आईटीआई को भी आधुनिक बनाने का काम किया जाएगा।
सांसद ने कहा कि खेलों के सपने को पूरा करने में युवाओं का भरपूर सहयोग किया जाएगा। इसके लिए गांव स्तर पर जिम का सामान, खिलाड़ियों के लिए खेलों का सामान दिया जा रहा है। ओलंपिक से जुड़े खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा। यही नहीं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया जाएगा। जो युवा विदेश में जाना चाहते हैं, वहां पर उन्हें मजदूरी करने के बजाय अपने कौशल के अनुसार काम मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा क्षेत्र में कई विकास कार्यों पर काम चल रहा है। कैथल में भगवान परशुराम मेडिकल कॉलेज का निर्माण जारी है तो कुरुक्षेत्र में दिवाली से पहले एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन हो जाएगा। कई रेलगाड़ियों का कुरुक्षेत्र में ठहराव सुनिश्चित करवाया गया है। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र गोल्डी, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक कैथल लीला राम, जिप अध्यक्ष कंवलजीत कौर, पूर्व विधायक तेजवीर सिंह, एचएसजीपीसी सदस्य बीबी करतार कौर, पूर्व जिलाध्यक्ष रवि बत्तान, बाबूराम टाया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
जिंदल ने माना, खेल स्टेडियम बने लेकिन कहीं कोच नहीं तो कहीं सामान नहीं
सांसद जिंदल ने माना कि गांव-गांव स्तर पर खेल स्टेडियम तो बनाए गए लेकिन उनका रखरखाव आज तक सही तरीके से नहीं किया जा सका। आज भी कहीं कोच नहीं तो कहीं खिलाड़ियों के लिए उचित सामान नहीं है। अगले कुछ समय तक इस कमी को दूर कर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। यहां तक कि द्रोणाचार्य खेल स्टेडियम में खिलाड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए सैर करने वाले लोगों के लिए अलग से ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।