एलएनजेपी अस्पताल में पिछले पांच दिन से बंद पड़ी एक्स-रे मशीन का खामियाजा जहां मरीजों को भुगतना पड़ा, वहीं बिना एक्स-रे रिपोर्ट मरीजों को उपचार देना चिकित्सकों के लिए भी सिरदर्दी बना रहा। मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए मजबूरन निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ा।
उधर, खराब पड़ी एक्स-रे मशीन को दुरुस्त कराने को लेकर जिला सिविल सर्जन और चिकित्सा अधीक्षक के बीच तर्क-वितर्क का दौर शुरू हो गया, क्योंकि संबंधित इंजीनियर मशीन को दुरुस्त करने से पहले उनके पेंडिंग पड़े पिछले बिल के भुगतान की मांग कर रहे थे और सिविल सर्जन ने चिकित्सा अधीक्षक को उनके यूजर अकाउंट से इंजीनियर का भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक ने खाते में रकम न होने की बात कहकर भुगतान करने में असमर्थता दिखाई थी।
विभागीय जानकारी के अनुसार हरियाणा मेडिकल सर्विस कॉरपोेरेशन के प्रबंधक निदेशक की ओर से 24 जून को जारी एक पत्र में जिला सिविल सर्जन को मेडिकल मशीनें और उपकरण दुरुस्त कराने सहित अन्य कार्यों के लिये 22 लाख 43 हजार रुपये का बजट जारी किया था। सवाल यह उठता है कि जब जिला स्वास्थ्य विभाग के पास मेडिकल उपकरण एवं मशीनें दुरुस्त करने को लेकर 22 लाख 43 हजार का बजट जारी किया गया था तो पांच दिन तक एक्स-रे मशीन दुरुस्त क्यों नहीं करवाई गई?
बता दें कि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली की ओर से एक जुलाई को पत्र लिख सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह से मेडिकल मशीनें एवं उपकरण दुरुस्त कराने के अलावा अस्पताल की अन्य रिपेयर और मेंटेनेंस कराने के लिए पांच लाख रुपये की मांग रखी गई, ताकि मशीन या अन्य मेडिकल उपकरण खराब होने पर तत्काल दुरुस्त कराया जाए, लेकिन सिविल सर्जन ने बुधवार को 2.5 लाख रुपये चिकित्सा अधीक्षक को दिये।
300 रुपये देकर प्राइवेट अस्पताल में एक्स-रे कराने को मजबूर : पंकज
गांव बारना निवासी पंकज ने बताया कि पिछले सप्ताह उसकी बाजू टूट गई थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ ने जांच कराने पर एक्स-रे कराने की हिदायतें दी थीं, लेकिन अस्पताल में पिछले पांच दिन से मशीन खराब पड़ी हैं, जिसके कारण 300 रुपये देकर निजी अस्पताल में एक्स-रे करवाने पड़ रहे हैं।
बार-बार काटने पड़ रहे चक्कर : सुरजीत सिंह
हृदय रोग की जांच कराने जिला अस्पताल पहुंचे गांव गढ़ी रोड़ान निवासी सुरजीत सिंह ने कहा कि उनका पिछले कई दिनों से फिजीशियन डॉ. गौरव चावला की देखरेख में उपचार चल रहा है। शनिवार को डॉक्टर ने ईसीजी सहित छाती का एक्स-रे लिख थे। यहां ईसीजी तो हो गई, लेकिन एक्स-रे के लिए बाहर निजी अस्पताल जाना पड़ेगा।
डॉक्टर बोल रहे एक्स-रे करवाओ, लेकिन कहां जाए : बलदेव सिंह
अस्पताल के पुरुष वार्ड में दाखिल पिहोवा निवासी बलदेव सिंह ने बताया कि वह चार जुलाई से अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पिछले कई दिनों से डॉक्टर एक्स-रे कराने की हिदायतें दे रहे हैं। अब वे यहां उपचार कराए या फिर किसी अन्य अस्पताल में जाकर एक्स-रे करवाये।
3 दिन पहले एमएलआर दर्ज, नहीं हुआ एक्स-रे : जसविंदर सिंह
पुरुष वार्ड में दाखिल जसविंदर सिंह ने कहा कि तीन दिन से अस्पताल में उपचाराधीन हैं। एमएलआर केस होते हुए भी उनका अभी तक एक्स-रे नहीं हुआ। डॉक्टर के कहने पर दो बार एक्स-रे विभाग के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अभी तक एक्स-रे नहीं हुआ।
सीएमओ से मिला 2.5 लाख का बजट, इंजीनियर का किया जाएगा भुगतान : एमएस
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली का कहना है कि अस्पताल प्रशासन के पास बजट की कमी थी। बुधवार को ही सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने 2.5 लाख रुपये का बजट दिया है। मशीन को दुरुस्त करने के लिए वे पिछले दो दिन से अपने आग्रह पर इंजीनियर को बुला रहे थे। शनिवार को मशीन की तकनीकी खामियां दुरुस्त की गईं। अब सोमवार से अस्पताल में एक्स-रे होंगे। कहा कि पूर्व चिकित्सा अधीक्षक के कार्यकाल के दौरान इंजीनियर का जो भुगतान रुका हुआ है, उससे शीघ्र ही किया जाएगा।