कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम द्वारा अगले कुछ दिनों में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके आधार पर यूनिवर्सिटी को ग्रेड दिया जाना है। निरीक्षण में कोई खामी न रहे, इसी के चलते पूरे परिसर को चमकाया जा रहा है, लेकिन संबंधित ठेकेदारों की ओर से बरती जा रही कथित लापरवाही परिसर को चमकाने में लगे मजदूरों की जिंदगी पर ही भारी पड़ रही है।
इस काम को करते हुए एक मजदूर की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो चुकी है। इसके बाद केयू में शुक्रवार को एक और मजदूर (राजमिस्त्री) यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की दूसरी मंजिल से गिर गया। उसे तुरंत उपचार के लिए एलएनजेपी अस्पताल दाखिल कराया गया।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब साढ़े 11 बजे देवीदास पुरा का रहने वाला ओमप्रकाश (40) स्कूल की दूसरी मंजिल पर सीढ़ी लगाकर शीशे की पैमाइश करने के लिए चढ़ा था। पैमाइश के दौरान अचानक सीढ़ी फिसल गई और ओमप्रकाश छाती के बल सीढ़ी सहित नीचे गिर गया। उसके साथी तुरंत उसे अस्पताल ले गए। सीटी स्कैन की रिपोर्ट आते ही चिकित्सकों ने पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। ओमप्रकाश की छाती में गहरी चोट लगी है। पीजीआई चंडीगढ़ में उसका उपचार चल रहा है।
10 दिन पहले हुई थी एक मजदूर की मौत
10 दिन पहले नौ मई को केयू की बी-फार्मेसी विभाग की तीसरी मंजिल से दीदार नगर का रहने वाला विजय (35) पांव फिसलने से नीचे गिर गया था। उसके सिर में गहरी चोट लगी थी। उपचार के लिए उसे एलएनजेपी अस्पताल लाया गया था, मगर उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। विजय पेंट करने के लिए भवन पर चढ़ा था।
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
हादसे में एक मजदूर की मौत और दूसरे के जख्मी होने से केयू में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने सिर पर हेलमेट और अन्य किसी जगह शरीर पर कोई सुरक्षा उपकरण नहीं पहने हुए थे। उधर, एक मजदूर की मौत के बाद भी सुरक्षा को लेकर गंभीरता नियमानुसार नहीं बरती गई, शायद यही कारण रहा कि अब दूसरा हादसा हो गया।
नहीं मिली कोई सूचना : एसएचओ
थाना केयूके प्रबंधक देवेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस को कोई सूचना नहीं मिली है। न ही पुलिस के पास अस्पताल से कोई रुक्का प्राप्त हुआ है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
पहले हादसे के बाद ठेकेदारों को लिखित में दिए थे निर्देश : साहनी
केयू जनसंपर्क विभाग के निदेशक डॉ. बृजेश साहनी का कहना है कि केयू प्रशासन की ओर से जब ठेकेदारों को कार्य सौंपा गया था तो सभी सुरक्षा व्यवस्था व अन्य नियमों का पालन करने की हिदायत दी थी। यही नहीं पहला हादसा होने पर भी तत्काल ही लिखित में सभी संबंधित ठेकेदारों को नियमों का पालन कड़ाई से से करने को कहा गया था। इसके बावजूद अब दूसरा हादसा कैसे हुआ, यह केयू प्रशासन द्वारा जांच कराई जाएगी। उसी अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा।