कुरुक्षेत्र। गांव कलसाना के पास मारकंडा नदी से निकाली जा रही मिट्टी व गाद। संवाद
कुरुक्षेत्र। मारकंडा नदी के लिए सिंचाई विभाग ने तीन प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिए हैं जबकि पांच प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू करने के लिए खनन विभाग की अनुमति का इंतजार है। उम्मीद जताई जा रही है कि अनुमति मिलते ही अगले एक सप्ताह तक इन पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा। करीब 6.47 करोड़ के ये प्रोजेक्ट 20 जून तक पूरे करने का लक्ष्य तय किया गया है।
मारकंडा नदी की बाढ़ से बचाव के लिए इसकी मरम्मत करते हुए करीब आठ हजार घन मीटर मिट्टी व गाद निकाली जाएगी। इससे 10 से 15 हजार क्यूसेक पानी क्षमता बढ़ेगी और वहीं पानी का बहाव भी अवरुद्ध होने से बचेगा। ऐसे में तटबंध टूटने की संभावना कम होगी।
पिछले मानसून सीजन में जिले में बाढ़ ने तबाही मचाई थी जिसमें करीब 70 हजार एकड़ फसल खराब हुई थी। वहीं करोड़ों का नुकसान हुआ था। इससे सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने समय रहते बाढ़ बचाव के लिए अनेक कार्य शुरू कर दिए हैं।
शाहाबाद, कलसाना व गुमटी प्रोजेक्ट पर काम शुरू
सिंचाई विभाग ने नदी से गाद व मिट्टी निकालने के लिए नौ प्रोजेक्ट तैयार किए थे। इन पर सरकार की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। खनन विभाग की ओर से शाहाबाद, कलसाना व गुमटी के पास शुरू किए जाने वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसके बाद इसी सप्ताह यहां काम भी शुरू किया जा चुका है। कलसाना में करीब 42 हजार घन मीटर मिट्टी व गाद निकाली जाएगी। वहीं गुमटी-मलिकपुर के पास 45 हजार घन मीटर व झांसा के पास 57 हजार घन मीटर मिट्टी व गाद निकाली जानी है। वहीं झांसा, जलबेहड़ा सहित अन्य जगहों पर कार्य शुरू करने से पहले खनन विभाग की अनुमति का इंतजार है।
तीन से चार दिन पहले निकल सकेगा मारकंडा का पानी : बब्बर
सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुनीश बब्बर ने कहा कि सभी प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद नदी की क्षमता बढ़ेगी और पानी का बहाव भी तेज हो सकेगा। जिस पानी को आगे निकलने में एक सप्ताह लगता था, प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह तीन से चार दिन में ही निकल सकेगा। ऐसे में तटबंधों पर मार नहीं पड़ेगी। तटबंध भी मजबूत बनाए जा रहे हैं।