कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाया गया स्टॉल
पिहोवा। सरस्वती तीर्थ के पावन तट पर अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई है। इसके माध्यम से नारी सशक्तीकरण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए सार्थक कदमों के बारे में जानकारी दी जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि नवजात बच्चे के जीवन को बचाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल किया जा सकता है।
सूचना मिलने के तुरंत बाद नवजात बच्चे को मिशन वात्सल्य के तहत बनाए गए केंद्रों में भेजा जाएगा। इन केंद्रों पर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का संरक्षण किया जा रहा है। नवजात बच्चों को पालने में असमर्थ अभिभावक अपने नवजात बच्चों को झाड़ियों, डस्टबिन या अन्य सार्वजनिक असुरक्षित स्थानों पर रख देते हैं। इन स्थानों पर नवजात बच्चे की जिंदगी को खतरा रहता है। केंद्रों में मिशन वात्सल्य के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के संरक्षण का कार्य जिला बाल संरक्षण अधिकारी इंदु शर्मा के द्वारा पोक्सो एक्ट 2012 व किशोरी न्याय अधिनियम 2015 व यौन शोषण, बाल अपराध, बाल मजदूरी कानून, बच्चों को सरकार की और से मिलने वाली फोस्टर केयर और स्पांसरशिप योजना के विषय में जानकारी दी गई। वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक शैलजा सैनी सखी वन स्टॉप सेंटर जिला स्तर पर चल रहे वन स्टॉप सेंटर के बारे में पीड़ित महिला जैसे बलात्कार घरेलू हिंसा यौन शोषण, महिला तस्करी, अपहरण से पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।