बाबैन। लीवर प्रत्यारोण करवाने के उपरांत अस्पताल में उपचाराधीन जसविन्द्र सिंह।
बाबैन। पति-पत्नी के रिश्ते को प्रेम और त्याग का प्रतीक माना जाता है। इसका जीता-जागता उदाहरण वार्ड छह से जिला पार्षद रविंद्र कौर ने पेश किया। उन्होंने अपने पति जसविंद्र सिंह ध्यांगला की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह न कर अपने लिवर का एक हिस्सा उन्हें दान कर दिया।
जसविंद्र सिंह ध्यांगला गांव के तीन बार सरपंच और भाजपा मंडल गुढ़ा के प्रधान रह चुके हैं। वे पिछले कुछ महीनों से गंभीर लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे। चिकित्सकों ने उसे लिवर प्रत्यारोपण करवाने को ही अंतिम उपाय बताया। जब परिवार में डोनर की तलाश की गई, तो उनकी पत्नी रविंद्र कौर जो वर्तमान में जिला परिषद सदस्य हैं, उन्होंने अपना लिवर देने का फैसला किया। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में चिकित्सकों की एक विशेषज्ञ टीम ने जसविंद्र सिंह की सर्जरी को अंजाम दिया।
चिकित्सकों का कहना है कि कुछ हफ्तों में दोनों पूरी तरह से ठीक हो जाएंगे। समाज के लिए मिसाल बनी इस घटना ने न केवल एक परिवार को नई जिंदगी दी है बल्कि यह भी साबित किया कि पति-पत्नी का सच्चा प्यार किसी भी परीक्षा में खरा उतर सकता है।