संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अनाज मंडी गेहूं की लिखाई व गेट पास न कटने से किसान बेहद परेशान है। वहीं भुगतान संबंधी मामला भी अटका हुआ है। किसानों का आरोप है कि जब यूपी का गेहूं आ रहा था तब गेट पास भी काटे जा रहे थे और ढेरों को भी लिखा जा रहा था। यूपी के गेहूं का भुगतान भी तुरंत किया जा रहा था, लेकिन स्थानीय किसान के साथ भेदभाव का रवैया अपनाया जा रहा है। वहीं मंडी में गेहूं का उठान भी धीमा ही चल रहा है।
डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की रिपोर्ट के आधार पर बताया कि खरीद केंद्रों पर 29 अप्रैल तक खरीद एजेंसियां ने 5 लाख 89 हजार 53 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है, जिसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 3 लाख 33 हजार 833 एमटी, हैफेड ने 2 लाख 37 हजार, 47 एमटी, एफसीआई ने 5860 एमटी, हरियाणा वेयर हाउस ने 12226 एमटी व ट्रेडर्स ने 87 एमटी गेहूं खरीदा है।
उन्होंने कहा कि जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 2 लाख 89 हजार 436 एमटी, हैफेड ने 2 लाख 5 हजार 118 एमटी, एफसीआई ने 5860 एमटी, हरियाणा वेयर हाउस ने 12207 व ट्रेडर्स ने 87 एमटी गेहूं सहित कुल 5 लाख 12 हजार 708 एमटी गेहूं का उठान कर लिया है। अब तक खाद्य आपूर्ति विभाग ने 48638, हैफेड ने 29920, एफसीआई ने 738, हरियाणा वेयर हाउस ने 1459 व ट्रेडर्स ने 18 किसानों सहित कुल 80773 किसानों से गेहूं को खरीदा है।