इस्माईलाबाद। मार्च माह आरंभ में आई बरसात एक बार फिर फसलों पर कहर बन कर बरसी है। बारिश के साथ तेज हवा से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है, जिससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिखाई देने लगा है। पिछले वर्ष भी मार्च में आई तेज बारिश के साथ हवा से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई थी, जिससे किसानों को खासा आर्थिक नुकसान हुआ था। इस वर्ष भी मार्च माह के शुरुआत में ही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है।
किसान राजू जलबेहडा, कृष्ण, बलदेव, तरसेम, संजीव आदि ने बताया कि मार्च से पहले मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल था लेकिन मार्च माह की शुरुआत में हुई बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। इस समय गेहूं की फसल में दाना बनने की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन गेहूं का पौधा गिरने के कारण अब दाना कमजोर पड़ जाएगा। जिसका असर गेहूं की निकासी पर पड़ेगा। बेमौसमी बारिश से सरसों, आलू के साथ अन्य फसलों व सब्जियों में भी भारी नुकसान का अनुमान है। किसानों ने सरकार से मांग रखी है कि फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।