इस्माईलाबाद। मारकंडा नदी में अब पानी का बहाव पूरी तरह से सामान्य हो चुका है। शुक्रवार को यह 1800 क्यूसेक तक रहा लेकिन गांव नैसी के पास टूटे दूसरे तटबंध को बांधे जाने का काम नहीं किया जा सका। हालांकि अब मारकंडा से आने वाले पानी की अधिक मार नहीं रही है और पिछले करीब 10 दिन से खेतों में जमा बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है।
यह पानी उतरने के साथ धान की फसल में नुकसान और सड़कों व खेतों में जाने वाले रास्तों पर भी तबाही के निशान छोड़ रहा है। खेतों में जाने वाले रास्ते खराब हो चुके हैं और सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। पिछले करीब 10 दिनों से खेतों में पानी के चलने के कारण धान की फसल में अधिक नमी बन चुकी है जिससे बची हुई फसल में बीमारी आने की संभावना भी बढ़ गई है। आबादी क्षेत्र के आसपास जमा पानी उतरने से हालात सामान्य हो रहे हैं लेकिन बाढ़ के पानी के साथ आई गंदगी व मलबे के कारण मक्खी मच्छरों की भरमार हो गई है। कुछ खेतों में बाढ़ का पानी चल रहा है, जिसे निकलने में अभी दो से तीन दिनों का समय और लग सकता है। अब किसानों को दोहरी चिंता सता रही है।