इस्माईलाबाद। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इससे किसानों और नदी किनारे रहने वाले डेरावासियों की चिंता बढ़ गई है। नहरी विभाग ने संभावित स्थिति को देखते हुए निगरानी तेज कर दी है।
नदी का वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। नहरी विभाग के गेज रीडर योगेश कुमार के अनुसार, वीरवार शाम तक मारकंडा नदी में करीब 2400 क्यूसेक पानी बह रहा था। यह मात्रा खतरे के निशान से काफी कम है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से आने वाले समय में जलस्तर बढ़ सकता है। नहरी विभाग के उप-विभागीय अधिकारी राकेश कंबोज ने बताया कि विभाग नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है। विभाग ने एहतियात के तौर पर कदम उठाए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को रात के समय भी नदी पर नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी
उप-विभागीय अधिकारी राकेश कंबोज के अनुसार, विभाग ने किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है। विभाग नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।