कुरुक्षेत्र। पटियाला की रहने वाली 102 वर्षीय सुनहरी देवी को हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद इस त
कुरुक्षेत्र। पटियाला निवासी बेटे और पौत्रों ने 102 वर्षीय सुनहरी देवी को कंधों पर बैठाकर हरिद्वार से पटियाला तक की यात्रा शुरू की है। परिवार ने हरिद्वार में उन्हें गंगा स्नान कराया और रास्ते में कांवड़ यात्रा की भव्यता भी दिखाई। यह यात्रा माता-पिता व अन्य बुजुर्गों की सेवा और सम्मान की मिसाल पेश करती है।
सुनहरी देवी अपने जीवन में पहले आठ बार गंगा दर्शन व स्नान कर चुकी थीं। उनकी इच्छा थी कि वह जीवन के इस पड़ाव में एक बार फिर हरिद्वार जाकर मां गंगा के दर्शन और स्नान करें। इस इच्छा को पूरा करने के लिए बेटे और पौत्र श्रवण कुमार बन गए। परिवार के सदस्यों ने उन्हें विशेष आसन पर कंधों के सहारे यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान लोगों ने इस अनोखे दृश्य को देखकर भावुक होकर उनका स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने बेटे और पौत्रों की सेवा भावना को भारतीय संस्कृति का जीवंत उदाहरण बताया। सुनहरी देवी भी रास्ते भर प्रसन्न नजर आईं और श्रद्धालुओं का अभिवादन करती रहीं। उन्होंने बताया कि बेटे, बेटियों व पौत्रों ने सावन के माह में यह यात्रा करवाकर उनका जीवन सफल कर दिया है।
यात्रा का विवरण
यह यात्रा 31 जुलाई को हरिद्वार से शुरू की गई थी। इसमें चार पौत्र जोगिंद्र सिंह, पवन कुमार, सोनू और सिमरन शामिल हैं। दोहता जग्गू के अलावा दो बेटियां पल्लो व बलीरो भी इस यात्रा का हिस्सा बनी हैं। जोगिंद्र सिंह का कहना था कि 10 सितंबर को पटियाला पहुंचने का लक्ष्य है। उन्होंने यह संदेश दिया कि हमें बुजुर्गों को दरकिनार करने की बजाए उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
कुरुक्षेत्र। पटियाला की रहने वाली 102 वर्षीय सुनहरी देवी को हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद इस त