कुरुक्षेत्र। जल शक्ति अभियान कैच दा रेन कार्यक्रम में प्रस्तुति देते स्कूली बच्चे। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। पीने के लिए पानी को बनाया नहीं जा सकता है, सिर्फ बचाया जा सकता है। बरसाती पानी को भूमि में भेजने के लिए बोरवल लगाया जाए और ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण किया जाए। वृक्ष पानी को बहने से रोकेंगे और भूमि में पानी भेजने का काम करते हैं, साथ ही बारिश लाने में भी पेड़-पौधे ही सहायक हैं। उन्होंने कहा कि पानी बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास की जरूरत है। इसके लिए टूंटी को खुली न छोड़ें, नहाते समय कम पानी का प्रयोग करें, ब्रुश व सेव करते समय नल बंद रखें।
अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट बुधवार को समग्र शिक्षा कार्यालय एवं जिला परिषद कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में पंचायत भवन के सभागार में आयोजित जल शक्ति अभियान कैच दा रेन-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने कहा कि भूमि से पानी का दोहन होने से हमारे एक के एक क्षेत्र डार्क जोन में जा रहे हैं। वेस्ट को नदियों में नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल घरों में आरओ का पानी प्रयोग किया जा रहा है। आरओ पानी की प्रक्रिया के दौरान चार लीटर पानी में से तीन लीटर वेस्ट निकालता है और एक लीटर शुद्ध पानी के तौर पर दे रहा है। इसमें 75 फीसदी पानी नष्ट हो रहा है।
कार्यक्रम में इन स्कूलों ने दीं प्रस्तुतियां
जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2025 कार्यक्रम में जल संचय जन भागीदारी थीम पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्योतिसर ने नाटिका प्रस्तुत की। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र ने नाटय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बारना ने स्किट, पीएमश्री विद्यालय धुराला, धूलगढ़ गुलडेरा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किरमच के विद्यार्थियों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थानेसर ने गायन और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरपुर ने नाटिका प्रस्तुत कर जल बचाने का संदेश दिए। इस मौके पर जिला परिषद चेयरमैन कंवलजीत कौर, जिला परिषद सीईओ शंभू, जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा, जिला परियोजना संयोजक संतोष चौहान, मुख्यवक्ता श्रीभगवान, सत्य भूषण सहित अन्य मौजूद रहे।