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भीषण गर्मी में नहीं होगी पेयजल किल्लत

Wed, 05 Apr 2017 12:26 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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हिमुडा परवाणू शहर में एक बार फिर अप्रैल से पानी की दरों में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी करने वाला है।
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धर्मनगरी के लोग हर रोज 23 मिलियन लीटर पानी गटक रहे है, जबकि गर्मी का सीजन शुरू होते ही पानी की करीब 30 फीसदी अधिक खपत होने लगी है। गर्मी के चरम पर पहुंचने पर पानी की खपत 40 फीसदी से अधिक बढ़ जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि इस पानी में से कुछ पानी लोग अपनी गाड़ियां व घरों की सफाई में भी प्रयोग कर रहे है। इस बार भीषण गर्मी की संभावना जताई जा रही है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे दावों पर यकीन करें तो धर्मनगरी के लोगों को गर्मी के बावजूद पानी की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। गर्मी के सीजन को देख जनस्वास्थ्य विभाग ने विशेष योजना तैयार की है, जिसके तहत शहर भर में लगे विभाग के 79 ट्यूबवेलों को इंटर कनेक्टेड कर दिया गया है।
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ऐसे में किसी ट्यूबवेल में तकनीकी खराबी होने के बावजूद शहर का कोई हिस्सा ऐसा नहीं होगा जहां पानी नहीं पहुंच पाएगा। विभाग ने हर क्षेत्र में पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है तो वही गर्मी के चलते हर वर्ष मचने वाले हाहाकार से बचने का भी प्रयास किया है। इन्हीं प्रयासों के चलते ही विभाग ने पानी आपूर्ति का समय करीब डेढ़ घंटा तक बढ़ा दिया है। अब सुबह व सायं के समय पांच बजे से नौ बजे तक सभी ट्यूबवेल चलाए जाएंगे। इसके बावजूद गर्मी तेज होने पर ही पता चल पाएगा कि विभाग की योजना व दावे सफल हो पाते है या नहीं।      

गाड़ी धोई तो लग सकता है जुर्माना      
विभाग ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी विशेष टीमें बनाई है। यह टीम शहर की गली-गली घुमकर गाड़ियां धोने व अन्य प्रकार से पानी बर्बाद करने वाले लोगों पर नजर रखेंगी। अधिकारियों के मुताबिक ऐसा पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को जुर्माना लगाया जाएगा।     
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हर ट्यूबवेल से निकाला जा रहा 2 लाख 87 हजार लीटर पानी      
धर्मनगरी में वर्तमान में जन स्वास्थ्य विभाग के 79 ट्यूबवेल है और हर रोज एक ट्यूबवेल से करीब 2 लाख 87 हजार लीटर पानी निकाला जा रहा है। जैसे ही गर्मी बढ़ेगी तो पानी निकाले जाने की यह मात्रा ओर भी बढ़ा दी जाएगी। विभागीय दावों के अनुसार इन ट्यूबवेलों में से 70 पर क्लोरीनेटर भी लगाए हुए है, ताकि लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जा सके।      
  
मोटर हुई खराब तो 24 घंटे में होगी ठीक      
गर्मी के सीजन में सबसे बड़ी समस्या विभागीय ट्यूबवेलों की मोटर खराब होने की होती है। ऐसे में विभाग ने निजी फर्म को ठेका दिया है, जो मोटर खराब की सूचना मिलने के 24 घंटे तक उसे किया जाएगा या फिर नई मोटर लगा दी जाएगी।

33 गांवों की बस्तियों में जल्द होगी पेयजल सुविधा
जिला के 33 गांवों में महात्मा गांधी बस्ती योजना के तहत स्थापित की गई बस्तियों में जल्द ही पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है। इन गांवों के लिए विभाग ने प्रपोजल तैयार कर मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया है जबकि 22 गांवों की इन बस्तियों में यह सुविधा दी जा चुकी है।
   
17 नई कॉलोनियों में भी पेयजल पाइप लाइन दबाने की योजना : खंडूजा      
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन अशोक खंडूजा का कहना है कि गर्मी के सीजन में लोगों को पीने के पानी की किसी समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए योजना तैयार की है। इसके लिए सभी ट्यूबवेलों को दुरुस्त कर लिया गया है वहीं सभी ट्यूबवेलों की लाइनें इंटरक्नेटिड कर ली गई है। शहर की 17 नई कॉलोनियों में भी पाइप लाइन बिछाने के लिए योजना तैयार कर ली गई है और प्रपोजल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। इन कॉलोनियों की अप्रूवल होते ही यहां कार्य शुरू कर दिया जाएगा। गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी और न ही पानी बर्बाद होने दिया जाएगा। इसके लिए भी कठोर कदम उठाए जा रहे है।
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