कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार ने प्राकृतिक खेती मिशन की सफलता के लिए कमर कस ली है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में देश के 11 राज्यों में प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण केंद्रों को मंजूरी दे दी है।
इन केंद्रों में न केवल प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण की पाठशालाएं चलेंगी बल्कि शोध कार्य भी हो सकेंगे। यहां ऐसे योद्धा तैयार किए जाएंगे जो इस मिशन को अंजाम तक पहुंचाएंगे।
जिन 11 केंद्रों का चयन किया गया है उनमें हरियाणा से एकमात्र गुरुकुल कुरुक्षेत्र परिसर में स्थित प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल है। अब यह केंद्र भी सीधे केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करेगा। सभी 11 केंद्रों के सबसे पहले 135 योद्धाओं को भी यहीं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पांच से 11 फरवरी तक खास पाठशाला लगेगी।
एक सप्ताह तक यहां अलग-अलग सत्र में प्राकृतिक खेती की बारीकियां सीखने के बाद ये सभी वैज्ञानिक अपने-अपने केंद्रों पर किसानों से लेकर वैज्ञानिकों तक की फौज तैयार करेंगे जिसके बाद देश में चारों ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्रीय मंजूरी मिलते ही केवीके वैज्ञानिकों की लगी पहली पाठशाला
गुरुकुल कुरुक्षेत्र परिसर स्थित प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र को राज्य से अपग्रेड कर केंद्रीय प्रशिक्षण केंद्र का दर्जा मिलते ही न केवल यहां खुशी की लहर दौड़ गई है बल्कि व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण भी उसी के अनुरूप शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले बैच में प्रदेश में स्थित कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की पाठशाला लगी है। 28 जनवरी से शुरू हुई इस पाठशाला में 30 वैज्ञानिक शामिल हैं। इसके साथ ही अगली पाठशाला की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसमें केंद्र सरकार के अधीन सभी 11 केंद्रों के 135 वैज्ञानिक प्राकृतिक खेती की हर बारीकी से रूबरू होंगे।