संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कहते हैं कि शादी के बाद महिला की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और महिला नौकरी कर रही हो व साथ में दो बच्चों की जिम्मेदारी हो तो वह उनमें ही उलझ कर रह जाती है। लेकिन मन में कुछ हासिल करने का जुनून हो और परिवार का सहयोग मिल जाए तो इन जिम्मेदारियों के बीच भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है। ऐसा ही कर दिखाया है शहर के कल्याण नगर में रहने वाली आयुर्वेदिक डॉक्टर विनीता गांधी ने।
वर्तमान में आयुष्मान आरोग्य मंदिर दबखेडी के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में नौकरी करते हुए व दो बच्चों की देखभाल के बाद भी अपने सपने को पूरा किया है। इस सफर में डॉक्टर पति के सहयोग से उन्होंने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन में आयुर्वेदिक मेडिकल अधिकारी की नियुक्ति प्राप्त की है।
उनकी इस उपलब्धि पर शहर व परिजनों में खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि वह खुद व उनका पति दोनों आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वडोदरा, गुजरात से हासिल कर वहीं के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज से बीएमएस की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2014 में शादी करने के बाद कुरुक्षेत्र में ही एक निजी पंचकर्म सेंटर चलाया। कुछ समय बाद पति को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य प्रोग्राम के तहत आयुर्वेदिक डॉक्टर के तौर पर सेवाएं देने का मौका मिला। चार साल बाद उन्होंने भी आयुर्वेदिक डॉक्टर के तौर पर प्रदेश सरकार में सेवाएं देनी शुरू कर दीं। इसके बाद उन्होंने एचपीएससी की परीक्षा पास करके आयुर्वेदिक मेडिकल अधिकारी के तौर पर नियुक्ति प्राप्त की है।