कुरुक्षेत्र। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से गांव गोबिंदगढ़, बीर सोंटी, शादीपुर तथा खेड़ी मारकंडा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, किसानों एवं श्रमिकों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, भूमि एवं किरायेदारी अधिकारों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रदूषण मुक्त खेत अभियान के बारे में जानकारी देते हुए पराली जलाने से पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसानों को फसल अवशेषों के उचित एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के तरीके अपनाने तथा पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया।
सीजेएम-कम-सेक्रेटरी, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण नीतिका भारद्वाज के मुताबिक ग्रामीणों को किरायेदारी अधिकार एवं भूमि स्वामित्व अधिकार के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्हें उनके मूल कानूनी अधिकारों, जिम्मेदारियों तथा उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।