कुरुक्षेत्र। देश में कोरोना वायरस के मामले सामने आने लगे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। हालांकि जिले में अभी तक कोरोना का कोई संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद जिला नागरिक अस्पताल में तैयारी शुरू कर दी गई हैं।
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट सुचारू रूप से काम कर रहा है, जो आपात स्थिति में मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके अलावा मास्क, सैनिटाइजर, और पीपीई किट की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। अस्पताल में 25 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं, जो गंभीर मरीजों के इलाज में सहायक होंगे। हालांकि अभी तक जिले में कोरोना टेस्ट शुरू नहीं किए गए हैं और न ही कोरोना वैक्सीन व रेमडेसिविर जैसी दवाइयां उपलब्ध हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोरोना संक्रमण की जांच शुरू नहीं की और कोरोना टेस्टिंग लैब भी लंबे समय से बंद पड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस कोई आदेश जारी होगा तो जांच शुरू कर दी जाएगी। वहीं अस्पताल प्रशासन के पास आपात स्थिति से निपटने के लिए अभी तक कोरोना संक्रमण से ग्रस्त मरीजों के लिए कोई अलग से बेड की सुविधा नहीं कि गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इनकी व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि जरूरत पड़ने पर कोई कमी न रहे।
स्वास्थ्य विभाग से पत्र मिला है, तैयारी शुरू कर दी गई है : डाॅ. सारा
नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारा अग्रवाल ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश मिले हैं, जिसमें अलर्ट मोड पर रहने व तैयारी को पूर्ण करने को कहा गया है। पत्र में अभी तक बेड आरक्षित करने की कोई बात नहीं कही गई है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो बेड की व्यवस्था कर दी जाएगी। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी : डॉ. मलिक
एलएनजेपी में कार्यरत डॉ. जगमिंद्र मलिक ने बताया कि कोरोना के नए वेरिएंट जेएन-1 को कम गंभीर माना जा रहा है, लेकिन इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों को मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और सैनिटाइजर का उपयोग करने की सलाह दी है व भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की गई है। उन्होंने लोगों से अपील है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें क्योंकि कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है।