कुरुक्षेत्र। नौतपा के बीच न केवल 45 डिग्री तक तापमान पहुंच चुका है बल्कि लू ने आम जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। झुलसाने वाली इस गर्मी से बचाव में आयुर्वेद के घरेलू नुस्खे रामबाण साबित हो सकते हैं। इसमें उशीर जल बेहद फायदेमंद माना जाता है, जिसके जरिए न केवल शरीर का तापमान सामान्य रखा जा सकता है बल्कि शरीर में होने वाली पानी की कमी को भी दूर किया जा सकता है। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान का कहना है कि लू (गर्म हवा) से बचने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। आयुर्वेद में सबसे उत्तम उशीर जल माना जाता है।
यह है उशीर जल तैयार करने का नुस्खा
प्रो. करतार धीमान के मुताबिक उशीर की जड़ों को सामान्य पानी में भिगोकर ठंडी जगह रखें, करीब आठ से 10 घंटे बाद उसी पानी में ही नमक व गुड़ मिला लें और इसका सेवन करें। यही नहीं कच्चे आम उबालकर निचोड़ लें फिर उसमें ठंडा पानी, गुड़ व नमक मिलाकर पिएं। इससे लू लगने से बचाव होगा इसके साथ ही खाने में प्याज, नींबू व नमक जरूर होना चाहिए। ओआरएस का घोल भी लिया जा सकता है। तेज धूप में सिर अवश्य ही ढककर रखना चाहिए। लंबे समय तक धूप में न रहें और उचित मात्रा में पानी जरूर पीना चाहिए।