कुरुक्षेत्र। तीन माह 10 दिन बाद उपेंद्र सिंघल कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के फिर से मानद सचिव बने हैं। प्रदेश सरकार ने बुधवार को उन्हें यह दूसरी बार जिम्मेदारी सौंपी है। छह साल तक केडीबी के ही सदस्य रहे उपेंद्र सिंघल को 21 जून 2023 में पहली बार यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनका कार्यकाल इसी वर्ष 21 जून को खत्म हो गया था।
उसी समय से ही उनकी फिर से नियुक्ति की संभावना जताई जाने लगी थी जबकि कई अन्य लोग भी इसके लिए अब तक पसीना बहाते रहे। अब उनकी नियुक्ति से लोगों में खुशी की लहर है। वहीं उम्मीद बढ़ी है कि अब विकास बोर्ड के कार्य और गति पकड़ेंगे।
मानद सचिव के साथ प्रदेश सरकार ने 10 नॉन ऑफिशियल सदस्यों की भी घोषणा कर दी है। इन सदस्यों का इसी वर्ष 20 जुलाई को कार्यकाल खत्म हो गया था। हर बार की तरह इस बार भी ये नियुक्तियां दो वर्ष के लिए की गई हैं। उपेंद्र सिंघल से पहले मदन मोहन छाबड़ा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव थे।
उनका तीसरी बार कार्यकाल खत्म होने पर उस समय उनके साथ ही मनोनीत सदस्य रहे उपेंद्र सिंघल के नाम पर मानद सचिव की मुहर लगाई है। मदन मोहन छाबड़ा 2018 में पहली बार दो साल के लिए मानद सचिव नियुक्त किए थे। उनके काम को देखते हुए कार्यकाल तीन बार बढ़ाया गया था।
इस बार सिंघल के लिए और बड़ी होगी चुनौती : सिंघल पिछले दो साल से मानद सचिव थे। वे उससे पहले मदन मोहन छाबड़ा के कार्यकाल के दौरान भी केडीबी सदस्य रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें लगातार छह साल तक सदस्य होने के चलते बोर्ड के कामकाज का अनुभव था। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के स्तर से लेकर अन्य आयोजन भी केडीबी की ओर से होने हैं।
इन सदस्यों को भी मिली नियुक्ति : केडीबी के नॉन ऑफिशियल सदस्य के रूप में अलकेश मौदगिल, रोशन बेदी, गुरनाम सिंह, अशोक रोशा, डॉ. संदीप छाबड़ा, सरदार हरमेश सिंह, राजेश शांडिल्य, जितेंद्र सिंह वासी सेक्टर छह करनाल, संजय चौधरी को भी नियुक्त किया गया है। इनमें से मानद सचिव सहित सात सदस्य श्रीमद्भगवद गीता विद्यालय के छात्र रहे हैं।
करनाल के संजय भठला बने 48 कोस निगरानी समिति के चेयरमैन : प्रदेश सरकार ने 48 कोस तीर्थ निगरानी समिति के चेयरमैन के तौर पर करनाल के रहने वाले संजय भठला की नियुक्ति की है। यह पद पिछले साल ही सृजित किया गया था और केडीबी के मानद सचिव रह चुके मदन मोहन छाबड़ा पहले चेयरमैन बने थे। अब उनकी जगह संजय भठला को यह मौका दिया गया है। वे लंबे समय से भाजपा से जुड़े हैं। उनके साथ ही पानीपत के बीबी मित्तल, कुरुक्षेत्र के सुशील राणा, कुरुक्षेत्र के रामधारी शर्मा व जींद के कृष्ण कुमार को नॉन ऑफिशियल सदस्य बनाया गया है।