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यह श्रीराम के उद्घोष:कुरुक्षेत्र में योगी, बोले- पलायन कोई धर्म नहीं और न ही धर्म के हित में, लोगों को दी बधाई

Mon, 28 Oct 2024 03:24 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में थे। वे बाबा डेरा गरीब नाथ सरस्वती पीठ पिहोवा में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी भी शिरकत की।
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हरियाणा सीएम नायब सैनी के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पलायन कोई धर्म नहीं है और न ही धर्म के हित में है। यही संदेश योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण जी ने कुरुक्षेत्र की पावन धरा से पूरे विश्व को गीता के रूप में दिया था। यह बात यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पिहोवा के पृथुदक पार्क में कही। वे सरस्वती तट पर डेरा सिद्ध बाबा गरीब नाथ मठ में चल रहे तीन दिवसीय आठमान, 32 धुनी एवं शंखाढाल भंडारे में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। 
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सीएम योगी ने जय श्री राम के उद्घोष से अपना भाषण शुरू किया तो पंडाल जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। उन्होंने हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने पर हरियाणा के लोगों को बधाई दी। योगी ने कहा कि देश की प्रगति और उत्थान के लिए सभी को एक होकर कार्य करना होगा। जिस तरह से भारत की आजादी की लड़ाई लड़ी गई, उसी तरह भारत को आगे बढ़ाने की लड़ाई लड़नी होगी।

योगी ने कहा कि जैसी करणी वैसी भरनी यानी अगर आप अच्छा काम करोगो तो उसका फल भी निश्चित ही अच्छा ही मिलेगा। हरियाणा के लोगों ने विधानसभा चुनाव में यह साबित करके दिखाया है। इसलिए उस्का परिणाम भी अच्छा ही होगा।
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सीएम नायब सैनी से बड़ी चूक
कार्यकम में सीएम नायब सैनी से बड़ी चूक हो गई। दरअसल, शंखाढाल भंडारे के कार्यक्रम को सीएम नायब सैनी ने अपने संबोधन में उदासीन ब्रह्म अखाड़े का बता दिया। इस पर पंडाल पर बैठे साधुओं ने दुरुस्त कराने का प्रयास भी किया, मगर बाद में मंच पर मौजूद एक संत ने उन्हें कार्यक्रम का कार्ड दिया। हालांकि उस समय तक सीएम नायब सैनी दूसरे अखाड़े का गुणगान कर चुके थे, मगर उन्होंने इसे छुपाने के लिए योगी आदित्यनाथ और कार्यक्रम संयोजक महंत पीर शेरनाथ का नाम लेकर ठीक करने का प्रयास किया।
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