संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। प्रयागराज महाकुंभ के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। इस आयोजन पर धर्मनगरी के साधु संतों में भी खुशी की लहर दौड़ी है। हर साधु-संत इस अलौकिक अवसर का साक्षी होने को बेताब है।
धर्मनगरी के अनेक साधु संत स्नान व महाकुंभ के दर्शन कर चुके हैं तो वहीं कई संत अपनी तैयारी में जुटे हैं। खुद ही नहीं श्रद्धालुओं के लिए भी ये साधु-संत अनेक प्रकार के प्रबंध कर रहे हैं, जिसके चलते महाकुंभ में स्नान व दर्शन की उनकी भी इच्छा पूरी हो सके।
जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि वे अन्य संत महापुरुषों के साथ प्रयागराज महाकुंभ में अभी एक बार स्नान कर चुके हैं। उनके द्वारा जग ज्योति दरबार की परंपरा अनुसार सर्वकल्याण की भावना से अनुष्ठान किया गया है। वे महाकुंभ के अंतिम स्नान में भी शामिल होंगे। उन्हें महाकुंभ में विभिन्न प्रदेशों के संतों के साथ सनातन पर चर्चा का भी मौका मिला है। संत महापुरुषों के साथ सत्संग में अनंत अलौकिक ज्ञान महाकुंभ के अवसर पर मिलता है। प्रयागराज महाकुंभ के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए अलौकिक अवसर था कि देश के महामंडलेश्वरों, मंडलेश्वरों, संतों एवं महापुरुषों का सान्निध्य मिला।
महाकुंभ में हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और जम्मू इत्यादि सहित विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में संत महापुरुष पहुंचे हुए हैं जिनसे सीखने तथा विचार साझा करने का अवसर भी मिला है। पूरे देश से महाकुंभ में जुटे संत महापुरुष जय श्री राम का उद्घोष एवं सत्संग कर रहे हैं। संगम पर चारों तरफ हर हर गंगे, बम बम भोले गूंज रहे है। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु भी निहाल हो रहे हैं। महाकुंभ में स्नान के लिए देश के कोने-कोने से करोड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन को मानने वालों को महाकुंभ में एक बार स्नान अवश्य करना चाहिए।