हरियाणा के शाहाबाद क्षेत्र के गांव ढकाला में बाढ़ में बही सड़क पार करते समय मंगलवार शाम को दो युवक पानी में डूब गए, जिससे दोनों की मौत हो गई। गांवों के तैराकों ने दोनों की पानी में तलाश की। इस दौरान एक का शव मिला तो दूसरा गंभीर हालत में था। जिसे अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना से लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। एसडीएम का तबादला करने की मांग की है।
गांव ढकाला के सरपंच पति कुलविंदर ढकाला के मुताबिक मृतकों की पहचान 30 वर्षीय विकास उर्फ रोहित निवासी गांव बीबीपुर व 35 वर्षीय बलबीर सिंह निवासी गांव ढकाला के रूप में हुई। कुलविंदर ने बताया कि यह दोनों युवक दिहाड़ी मजदूरी का काम करके अपने परिवार का गुजारा करते थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी सिविल अस्पताल के मोर्चरी हाउस ले जाया गया। इस घटना से ढकाला और बीबीपुर गांवों में मातम छाया हुआ है।
इस हादसे से गांव ढकाला और बीबीपुर समेत आस-पास के ग्रामीणों में शाहाबाद प्रशासन के प्रति आक्रोश बना हुआ है। गुस्साए ग्रामीणों ने शाहबाद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम शाहाबाद के तबादले की मांग की है। भाजपा किसान नेता करण राज सिंह तूर ने कहा कि हादसे के लिए प्रशासन जिम्मेदार है।
प्रशासन बाढ़ के पानी से टूटी ढकाला रोड की सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि एसडीएम पुलकित मल्होत्रा को सुरखपुर, ढकाला, तिगरी और खेड़ा गांवों के ग्रामीण बता चुके हैं कि मोहनपुर पर मारकंडा नदी का बांध टूटा हुआ है। इसलिए गांव ढकाला को जाने वाली सड़क बाढ़ के पानी से टूट गई है। मगर एसडीएम एक बार भी मौके पर सुध लेने के लिए नहीं आए है।
गार्ड की व्यवस्था की और न नोटिस बोर्ड लगाया
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पता है कि गांव ढकाला की सड़क बीच में से ध्वस्त है, फिर भी न तो यहां कोई पुलिस गार्ड की व्यवस्था की गई है और न ही कोई नोटिस बोर्ड लगाया गया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को यह लगता है कि वह टूटी हुई सड़क के बीच से पानी में से निकल कर चले जाएंगे, लेकिन सड़क के बीच में पानी में दल-दल होने के कारण युवक फंस गए और उनकी मौत हो गई।
सुबह बचाए गए थे दो युवक, शाम को फिर हुआ हादसा
कुलविंदर ढकाला ने बताया कि मंगलवार सुबह भी ढकाला गांव के दो युवक सड़क पार करने के चक्कर में यहां फंस गए थे, लेकिन मौके पर तैराक मौजूद थे। उन्होंने ढकाला के 25 वर्षीय अभिषेक और रणजीत को बचा लिया था। इसके बाद यह सूचना पुलिस को दी ताकि दोबारा ऐसा हादसा न हो, लेकिन प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया और शाम को फिर हादसे में दो जान चली गई।
बाढ़ग्रस्त इलाके और टूटी सड़कों से न लांघे ग्रामीण : एसडीएम
एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाढ़ के बाद खेतों और टूटी सड़कों के बीच दल-दल पनप रही है। इसलिए ग्रामीण बाढ़ग्रस्त खेतों में न जाए और टूटी हुई सड़कों को भी लांघने का प्रयास न करें। उन्होंने बताया कि शाहाबाद का प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ विभिन्न जगह बचाव कार्यों में जुटा है।
अभी भी इस इलाके में पानी एकत्रित
गांव ढकाला, बीबीपुर, मदनपुर, कठवा, कलसाना, जोगीमाजरा, रावा, पाडलू सहित कई गांवों के खेतों में मारकंडा नदी और बारिश का पानी एकत्रित है। शाहाबाद शहर में अटारी कॉलोनी, हुडा सेक्टर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, झगड़ा कालोनी, सिद्धार्थ कालोनी और किशनगढ़ रोड पर कई जगह दो फीट तक पानी सड़कों पर एकत्रित है।
मारकंडा में बह रहा 8148 क्यूसिक पानी
मंगलवार की सुबह 10 बजे मारकंडा नदी में छह हजार 790 क्यूसिक पानी बह रहा था। गेज रीडर रविंदर ने बताया कि अब मंगलवार सुबह कालाअंब में बारिश हुई है, तो नदी में मंगलवार शाम को जलस्तर बढ़ा है और शाम सात बजे नदी में आठ हजार 148 क्यूसिक पानी बहने लगा था।