इस्माईलाबाद। रोहटी निवासी युवक पर हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपराध अन्वेषण शाखा-2 की टीम ने धुराला निवासी लक्की और लवप्रीत उर्फ लभू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। पुलिस प्रवक्ता नरेश सागवाल के अनुसार रोहटी निवासी चरणजीत, जो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बीए का छात्र है, ने शिकायत में बताया था कि 3 जून को वह अपने दोस्तों ऋषि और हन्नी के साथ गांव रोहटी स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के पास रुका हुआ था। इसी दौरान चार मोटरसाइकिलों पर आए छह-सात युवकों ने उनसे बिना बात के बहस की और वहां से चले गए। कुछ देर बाद चरणजीत जब उनके पीछे गया तो रोहटी और नूरपुर बुच्ची के बीच आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल रुकवा ली। इसके बाद डंडों से हमला कर उसे घायल कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पहले उसे झांसा अस्पताल, फिर एलएनजेपी अस्पताल और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चला। इस मामले में थाना इस्माईलाबाद में केस दर्ज होने के बाद जांच अपराध अन्वेषण शाखा-2 को सौंपी गई थी। इससे पहले पुलिस नरेश निवासी रोहटी, रमण निवासी खेड़ी शहीदां और एक नाबालिग को पकड़ चुकी है। उनसे वारदात में इस्तेमाल डंडा और मोटरसाइकिल भी बरामद की गई थी। अब पुलिस ने मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों लक्की और लवप्रीत उर्फ लभू, निवासी धुराला, को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की गई।
ब्रह्मसरोवर के पास युवक से देसी कट्टा और कारतूस बरामद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र पुलिस ने अवैध हथियार रखने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अपराध अन्वेषण शाखा-2 की टीम को सूचना मिली थी कि जींद जिले के गांव जुलेड़ा निवासी मोनू ब्रह्मसरोवर स्थित बाजीगर धर्मशाला के पास पार्किंग में अवैध हथियार के साथ किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर युवक वहां से निकलने लगा, लेकिन टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 12 बोर का एक देसी कट्टा और एक कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना केयूके में शस्त्र अधिनियम के प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।