शाहाबाद। मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में चिकित्सकों और कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। वे लंबित वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने रविवार को आश्रितों व बच्चों के साथ धरना देने की घोषणा की है।
मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मियों ने रोष जताया। उन्होंने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) ने 12 मई को संस्थान का प्रबंधन अधिकार प्राप्त किया था। यह अधिकार एचएसजीएमसी ने हाईकोर्ट में केस लड़कर जीता था। हालांकि, एचएसजीएमसी के सदस्य अब तक एकमत होकर कार्यभार संभालने आगे नहीं आए हैं। कर्मचारियों को केवल अपना लंबित वेतन चाहिए। उनका कहना है कि एसजीपीसी और एचएसजीएमसी दोनों ही इस मामले से दूरी बना रही हैं। इसलिए अब हरियाणा सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।
मुख्यमंत्री को पत्र और अल्टीमेटम
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेजा है। इसमें सरकार से एचएसजीएमसी के सदस्यों को एक मंच पर लाने की मांग की गई है। साथ ही, संस्थान के लिए एक मजबूत ट्रस्ट बनाकर उसे एचएसजीएमसी के अधीन संचालित करने को कहा गया है। यह कदम संस्थान का भविष्य सुरक्षित करेगा। समिति ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी कि 7 जुलाई को बड़ा फैसला लिया जाएगा यदि मांगों पर पहल नहीं हुई।
अकाली दल के प्रधान ने कोर्ट के फैसले पर भी उठाए सवाल
शिरोमणि अकाली दल (बादल) के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष हरकेश मोहड़ी शनिवार सुबह ही धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 12 मई से पहले संस्थान का प्रबंधन सुचारू रूप से चल रहा था लेकिन एचएसजीएमसी के पक्ष में निर्णय आने के बाद कर्मचारियों का वेतन रुक गया। इसी विषय पर एसजीपीसी के अध्यक्ष, एचएसजीएमसी के अध्यक्ष तथा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को पत्र लिखकर समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संस्थान को बंद नहीं होने दिया जाएगा। संघर्ष समिति ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
नलवी बोले- मीरी-पीरी मुद्दे पर सभी एकमत
एचएसजीएमसी के वरिष्ठ सदस्य दीदार सिंह नलवी और बीबी करतार कौर भी शाम के समय धरनास्थल पर पहुंचे उनके साथ किसान नेता जसबीर सिंह मामूमाजरा, पार्षद जगतार सिंह तथा सिख समाज सेवक सभा के अध्यक्ष मंजीत सिंह भी मौजूद रहे। 11 सदस्यीय संघर्ष समिति और एचएसजीएमसी सदस्यों के बीच अलग से बैठक हुई। बैठक के बाद दीदार सिंह नलवी ने कहा कि एचएसजीएमसी सदस्यों के बीच अन्य विषयों पर मतभेद हो सकते हैं लेकिन मीरी-पीरी संस्थान के मुद्दे पर सभी सदस्य पूरी तरह एकमत हैं। इस विषय पर अध्यक्ष झींडा जब भी बैठक बुलाएंगे, उनके पक्ष के सभी 16 सदस्य उपस्थित होंगे और उन्हें विश्वास है कि एचएसजीएमसी के सभी 49 सदस्य भी एकत्र होकर समाधान निकालेंगे।