गांव अंटावा निवासी राजपाल प्रजापत (60) की चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में शुक्रवार को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। राजपाल प्रजापत 11 दिनों से बीमार थे और एक सप्ताह से चंडीगढ़ में उपचाराधीन थे। इसी दौरान 25 मार्च को उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजपाल का अंतिम संस्कार भी चंडीगढ़ में कराया गया। विभाग ने मृतक के शव को गांव ले जाकर जलाने की बजाए दफनाने की अपील की, लेकिन परिवार के लोगों ने विभाग की अपील पर उनका चंडीगढ़ में ही अंतिम संस्कार कराना बेहतर समझा।
बता दें कि रादौर क्षेत्र में 15 दिनों में स्वाइन फ्लू से मौत होने का यह दूसरा मामला है। इससे कुछ दिन पहले गांव गुंदयानी निवासी सीमादेवी की पीजीआई चंडीगढ़ में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। मृतक राजपाल प्रजापत के बेटे रविंद्र प्रजापत बिट्टू ने बताया कि 15 मार्च को उनके पिता राजपाल को बुखार हो गया था। इसके बाद उन्हें रादौर व लाडवा के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें 18 मार्च को सेक्टर-32 चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। इस दौरान डॉक्टरों ने उन्हें स्वाइन फ्लू से पीड़ित बताया और 25 मार्च को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक राजपाल प्रजापत के दो लड़के व एक लड़की है। स्वाइन फ्लू से मौत होने पर गांव अंटावा के लोगों में हड़कंप मच है। गांव के पूर्व सरपंच रोशनलाल बावा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अपील की कि विभाग अंटावा में फोगिंग स्प्रे कराकर मच्छरों का सफाया करें वहीं, गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर गांव के लोगों की जांच कराई जाए। इस बारे स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर वीके जैन ने बताया कि विभाग की ओर से गांव में टीम भेजकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और मृतक के परिवार के लोगों की खासतौर पर जांच की जाएगी।