कुरुक्षेत्र। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकतर ट्यूबवेल का पानी पीने लायक नहीं है। जलघर को घर-घर से जोड़ने वाली पाइप लाइन पुरानी होने के कारण लीक हो चुकी हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर सप्लाई हो रहा दूषित पानी लोगों की सेहत पर खराब असर डाल रहा है। दूषित पेयजल का सेवन करने वाले ग्रामीणों को पीलिया, घुटनों में दर्द, पेट दर्द, गैस बनना, सफेद बाल, दांतों में पीलापन, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी समस्याएं हो रही हैं। इसे लेकर न स्वास्थ्य विभाग गंभीर है और न ही जनस्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया है।
दरअसल अटल भूजल योजना के तहत जिला कार्यान्वयन भागीदार टीम पिहोवा, शाहाबाद और लाडवा खंड के 189 गांव का सर्वे कर बैक्टीरियल और वाटर टेस्टिंग कीट के जरिये पेयजल की जांच कर रही है। अभी तक लिए गए 100 से अधिक सैंपलों में से 50 फीसदी सैंपल फेल मिले हैं। जांच में सामने आया है कि पाइप लाइन में लीकेज के कारण दूषित पानी पेयजल में मिल रहा है।
इस दूषित पेयजल का सेवन करने के कारण पिहोवा खंड के अर्नेचा, बतेरी, अधोया, इशाक, रामगढ़ रोड, रतनगढ़, ककराली, सरस्वती खेड़ा और रुआं सहित जिले के कई गांवों में ग्रामीण कई तरह की बीमारियों से पीड़ित हैं। इन गांवों में जीवाणु परीक्षण भी पानी की खराब गुणवत्ता दिखा रहे हैं। इन गांवों के 24 से 48 घंटे बाद जीवाणु परीक्षण में भूजल का काला रंग दिखाई दे रहा है। जल विशेषज्ञों के अनुसार ट्यूबवेल की अंडरग्राउंड पाइप लाइन लीक होने के कारण घर की पानी की टंकी में गंदगी मिल रही है। ज्यादातर गांव में जलघर तालाब के पास है, वहां पानी की गुणवत्ता बेहद खराब मिल रही है।
भूजल विशेषज्ञ डॉ. नवीन नैन का कहना है कि अटल भूजल योजना के तहत जिला कार्यान्वयन भागीदार टीम की ओर से तीन खंडों के 189 गांव का सर्वे किया जा रहा है। टीम हर गांव में बैक्टीरियल (बीटी), टीडीएस, पीएच, नाइट्रेट, कार्बोनेट, आयरन, टेम्परेचर, फ्लोराइड, क्लोराइड और लवणता जैसी जांच कर रही है। पाइप लाइन लीकेज की वजह से घरों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। जांच करने पर ज्यादातर सैंपल फेल मिल रहे हैं।
बीमारी फैलने सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें : डॉ. मलिक
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त प्रवर चिकित्सा अधिकारी (आईडीएसपी) डॉ. जगमेंद्र मलिक का कहना है कि उनके संज्ञान में नहीं है कि ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल के सैंपल फेल निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो टीम ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर रही है, वह स्वास्थ्य विभाग को वहां की स्थिति के बारे में अवगत कराए, ताकि बीमारी फैलने रोका जा सके।
जनस्वास्थ्य विभाग लोगों की सेहत को लेकर गंभीर: दिनेश गाबा
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन दिनेश गाबा का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत हर गांव में नई पाइप लाइन बिछाई जा रही है। बारिश से पहले और बाद में ट्यूबवेल की केमिकल जांच कराई जा रही है। अगर सैंपल फेल मिलते हैं तो तुरंत समाधान किया जा रहा है। फिर भी कहीं पानी पाइप लाइन लीकेज की समस्या है तो अवगत कराएं, तुरंत समाधान किया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग आमजन की सेहत को लेकर गंभीर है।