कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान लंगर ग्रहण करते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा व इस
कुरुक्षेत्र। इंडिपेंडेंट स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (इसवा) की ओर से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में सिख इतिहास की अमर विभूतियों चार साहिबजादों व माता गुजरी जी की शहादत को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलपति कार्यालय पार्क और यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में आयोजित हुआ जिसमें श्रद्धा, सम्मान और आत्मचिंतन का भाव देखने को मिला।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि चार साहिबजादों का बलिदान अन्याय, अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का अद्वितीय उदाहरण है। इतनी कम आयु में भी साहिबजादों ने जिस साहस, धैर्य और धर्मनिष्ठा का परिचय दिया, वह आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है। ऐसे आयोजन युवाओं में नैतिक मूल्यों, सत्य, साहस और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करते हैं।
विशिष्ट अतिथि कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि चार साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की शहादत केवल सिख इतिहास तक सीमित नहीं है बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने उनके जीवन, त्याग और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया यह सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के बाद गुरु परंपरा के अनुसार अटूट लंगर का आयोजन किया गया जिसमें समानता, सेवा और भाईचारे की भावना के साथ विश्वविद्यालय परिवार ने सहभागिता की।
चार साहिबजादे फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग
यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में इसवा की ओर से सिख इतिहास की महान गाथा पर आधारित फिल्म चार साहिबजादे की विशेष स्क्रीनिंग भी आयोजित की गई। फिल्म के मार्मिक दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। अंत में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और लंगर सेवा का आयोजन हुआ।