शिक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे शिक्षकों के ऑनलाइन तबादलों से अनेकों ऐसे स्कूलों को भी शिक्षक मिलने लगे है, जहां अनेकों वर्षों से शिक्षकों का टोटा बना हुआ था। ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों की संख्या भी न के बराबर रहने लगी थी। अब शिक्षक मिलने से इन स्कूलों में फिर से पढ़ाई होने की उम्मीद बढ़ी है। प्राध्यापकों के बाद अब टीजीटी तबादलों को लेकर पोर्टल खुलने का शिक्षक बेसब्री से इंतजार कर रहे है जबकि शिक्षकों की मांग है कि जिन विषयों के पद सरप्लस नहीं हैं उनके पोर्टल पर ऑप्शन जल्द डाल देनी चहिए।
एलिमेंटरी स्कूल हेडमास्टर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दलबीर सिंह मलिक व राजकीय अध्यापक संघ के प्रांतीय प्रधान प्रदीप सरीन ने संयुक्त रुप से कहा कि गणित और हिंदी के पदों को फिलहाल छोड़ कर बाकी टीजीटी अध्यापकों के तबादले के ऑप्शन खोल देने चहिए तथा टीजीटी के साथ ही जल्द पीजीटी व जेबीटी के समायोजन और प्रोन्नत पीजीटी को भी स्टेशन दिए जाये।
शिक्षक नेताओं बताया की एमआईएस पोर्टल के की ओर से पारदर्शिता पूर्वक तबादला करना सरकार की बड़ी उपलब्धि है जिसका असर शिक्षा विभाग में गुणवत्ता लाने में सहायक साबित होगा। उन्होंने मांग की है कि जिन अध्यापकों का सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या इससे कम समय रह रहा है उनका तबादला न किया जाए। मिडल हैड का वर्कलोड हाई स्कूल हेडमास्टर के बराबर किया जाए। मलिक वह सरीन ने कहा कि सिम स्कूल इंफर्मेशन मैनेजर्स की वापसी से इस एमआईएस डाटा पोर्टल की अपडेशन मजबूत होगी व अध्यापकों को कंप्यूटर सेंटरों के चक्कर काटने से भी निजात मिलेगी व बच्चों को पढ़ाने का अधिक समय मिलेगा।