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कौशल बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण आवश्यक

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। व्यक्ति को हर पल कुछ न कुछ सीखना चाहिए। सीखने से ही किसी कर्मचारी की कार्यकुशलता, कौशल व दक्षता में बढ़ोतरी होती है। प्रशिक्षण से कर्मचारियों की क्षमता में सुधार होता है। उन्हें प्रेरित करता है, जिससे कर्मचारियों में आत्मविश्वास और संतुष्टि का निर्माण करता है। ये बाते केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा शनिवार को कहीं। वे लिपिकों के लिए कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
प्रो. सचदेवा ने कहा कि आईयूएमएस के आने से तथ्यों को सरलता एवं शीघ्रता के साथ सत्यापित किया जा सकता है। इससे विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आने के साथ दक्षता भी बढे़गी। आईयूएमएस से कार्य व्यवस्था में होने वाली देरी भी समाप्त होगी। इसके द्वारा दो सप्ताह में होने वाले कार्य 10 मिनट में हो जाएंगे।
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उन्होंने कर्मचारियों से ड्राफ्टिंग के समय सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात भी कही।
कुलपति ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी अनावश्यक अपेक्षाओं के कारण ही तनावग्रस्त होता है। इसलिए कर्म करें फल की चिंता न करें, भगवद् गीता में भी यही कहा गया है। आह्वान किया कि वे फॉयर सिस्टम मानदंडों का पालन करें व कार्यालय बंद करने से पहले सभी विद्युत उपकरणों को अवश्य बंद करें।
तकनीकी सत्र में बतौर मुख्य वक्ता सहायक डारेक्टर लोकल ऑडिट डॉ. चांद राम ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को उसके हित में कार्य करना चाहिए। किसी भी संस्थान के सफल संचालन के लिए नियम एवं कानून बनाए गए हैं जिनका पालन करने के लिए प्रशासन एवं कार्यरत स्टाफ सदस्यों का सहयोग जरूरी होता है। किसी भी संस्थान में खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुसार किस प्रकार से करनी चाहिए। उन्होंने अस्थायी एडवांस, इलेक्ट्रॉनिक, कंप्यूटर संबंधी एनओसी लेने व सप्लाई ऑर्डर के नियम, पेनल्टी सहित कंज्यूम एवं नॉन कंज्यूम वस्तुओं की अहम जानकारी साझा की।
बताया कि साइंस जैसे विभागों में केमिकल, ग्लास वेयर आदि केंद्रीकृत खरीद के लिए केंद्रीकृत विभाग को डिमांड भेजी जाती है। संबंधित विभागों से डिमांड आने पर सक्षम प्राधिकारी से अप्रूवल लेने के बाद नियमानुसार खरीद प्रक्रिया को पूरा करना होता है। ऐसा करके बार-बार कोटेशन लेने की प्रक्रिया से बचा जा सकता है। 25 हजार से पांच लाख तक की अन्य प्रकार की खरीद में कम से कम तीन कोटेशन निश्चित रूप से लेनी चाहिए। कोटेशन लेते समय पारदर्शिता का ध्यान रखना चाहिए।
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नोडल ऑफिसर एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने भविष्य में शाखा से संबंधित विशिष्ट कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनील ढुल ने कहा कि आईयूएमएस पोर्टल से विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के साथ तीव्रता आएगी। इस रिफ्रेशर कोर्स में स्थापना शाखा के सहायक मनदीप शर्मा, लिपिक वर्षा, सौरभ दहिया व मोहित शारदा ने सहयोग किया।
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