11 माह के लंबे अंतराल के बाद कुरुक्षेत्र जंक्शन से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के लिए पैसेंजर ट्रेन सेवा को हरी झंडी मिल गई है। इससे रोजाना हजारों यात्रियों को फायदा होगा। ये ट्रेन 22 फरवरी को सुबह 5 बजकर 35 मिनट पर कुरुक्षेत्र जंक्शन से हजरत निजामुद्दीन दिल्ली के लिए रवाना होगी और कुरुक्षेत्र से दिल्ली तक पड़ने वाले सभी 17 स्टेशनों पर रुकेगी।
इस ट्रेन में यात्रियों को दोगुना किराया देना होगा। पहले जहां यात्रियों को पैसेंजर में कुरुक्षेत्र से दिल्ली तक 35 रुपये खर्च करने पड़ते थे वहीं अब उनको 70 रुपये खर्च करने पड़ेगे। लॉकडाउन से पहले कुरुक्षेत्र जंक्शन से दिल्ली के लिए सुबह 5:20, 6:10 व दोपहर को 12:40 पर तीन पैसेंजर ट्रेन एचएनके चलती थी। 22 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी के जनता कर्फ्यू पर सभी ट्रेन के पहिए थम गए थे। अब 11 माह के बाद कुरुक्षेत्र जंक्शन पर दोबारा से पैसेंजर ट्रेन की सिटी सुनाई देगी। ये ट्रेन सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। इसके बाद शाम को 18:10 पर दिल्ली से चलकर 22:30 पर कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। वहीं स्टेशन अधीक्षक केके सिंह ने बताया कि अगले माह से हरिद्वार में शुरू होने जा रहे कुंभ मेले के लिए कोई विशेष कुरुक्षेत्र से नहीं चलाई जा रही है बल्कि बीकानेर (राजस्थान) से वाया हिसार, रोहतक से होकर सुबह 10:37 पर कुरुक्षेत्र से होकर हरिद्वार जाती है। यह ट्रेन सप्ताह के तीन दिन मंगलवार, वीरवार और शनिवार को ही चलती है। वहीं कुरुक्षेत्र से दिल्ली के अलावा अन्य किसी स्थान के लिए पैसेंजर ट्रेन नहीं चलाई जा रही है। संवाद
रोजाना 70 हजार का नुकसान
पैसेंजर ट्रेन के बंद होने से रेलवे को भी काफी नुकसान झेलना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक केके सिंह ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन के बंद होने से अकेले कुरुक्षेत्र जंक्शन पर रोजाना 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। कुरुक्षेत्र जंक्शन पर पैसेंजर ट्रेन बंद से 11 माह के अंतराल में रेलवे को दो करोड़ 31 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लॉकडाउन से पहले पैसेंजर ट्रेन में अकेले कुरुक्षेत्र से एक समय में 500 से 600 यात्री दिल्ली रवाना होते थे।