कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस बार 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक मनाया जाएगा, जिसमें मुख्य आयोजन पांच से 11 दिसंबर तक होंगे। महोत्सव के लिए प्रशासनिक तौर पर तैयारियां पूरी की जा रही है। इसी के साथ ही अब न केवल छात्र-छात्राओं से लेकर सामान्य लोग भी गीता से संबंधित ज्ञान बढ़ा सकेंगे बल्कि लाखों के इनाम भी जीत सकेंगे। इसके लिए गीता महोत्सव के चलते प्रशासन की ओर से गीता प्रश्नमाला के नाम से ऑनलाइन क्विज का आयोजन किया जा रहा है, जिसके लिए 28 अक्तूबर से पंजीकरण भी शुरू हो गए हैं। यह प्रश्नमाला 17 से 27 नवंबर तक जारी रहेगी, जिसमें हरियाणा व देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ महोत्सव के स्टेट पार्टनर ओडिशा के छात्र-छात्राएं व आम लोग भी भागीदार बन सकते हैं। इसमें क्विज जीतकर प्रतिभागी करीब साढ़े तीन लाख रुपये के इनाम जीत सकेंगे। यहां तक कि प्रतिभागिता करने पर भी 500 रुपये का इनाम मिल सकता है।
जिला प्रशासन के एनआईसी विभाग ने केडीबी से मिलकर यह प्रश्नमाला तैयार की है, जिसमें हर रोज गीता पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका जारी की गई एप पर ही ऑनलाइन जवाब देना होगा। यहां तक कि इस बार प्रतिभागिता करने वाले लोग पहले प्रैक्टिस भी कर सकेंगे। ऑनलाइन ही गीता पर आधारित प्रैक्टिस सेट भी मिल सकेगा तो वहीं प्रतिभागी गलत उत्तर देने पर दिन भर में उसे दुरुस्त भी कर सकेंगे।
गीता के प्रति ज्ञान बढ़ाना ही उद्देश्य : उपेंद्र
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि लोगों में गीता के प्रति ज्ञान बढ़े और इसमें दिखाए मार्ग पर चलते हुए देश व प्रदेश की उन्नति में भागीदार बने, यही उद्देश्य है। क्विज के जरिए बड़े स्तर पर लोग जुड़ते हैं तो छात्र-छात्राओं में भी जिज्ञासा बढ़ती है।
इस बार एक लाख लोग जोड़ने का लक्ष्य : सिंगला
एनआईसी विभागाध्यक्ष विनोद सिंगला का कहना है कि पिछले वर्ष की गई क्विज में 70 हजार लोग जुड़े थे। इस बार एक लाख लोगों के जुड़ने की संभावना है। इसमें भागीदारी के लिए छात्र-छात्राओं से लेकर आम लोगों की भी श्रेणियां बनाई गई है, जिसमें स्टेट पार्टनर ओडिशा के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। एक श्रेणी में इस प्रदेश के छात्र-छात्राएं अपने-अपने वर्ग अनुसार तो दूसरी श्रेणी में हरियाणा के छात्र-छात्राएं व आम लोग जुड़ सकेंगे। वहीं एक श्रेणी देश के अन्य राज्यों के लोगों के लिए बनाई गई है। उनका कहना है कि इस बार प्रैक्टिस सेट भी दिए गए हैं, जिन पर शिक्षक भी अपने-अपने कक्षाओं में बच्चों को प्रैक्टिस करवा सकेंगे तो खुद भी तैयारी की जा सकती है।
कुरुक्षेत्र। विनोद सिंगला।