कुरुक्षेत्र। गत माह इमिग्रेशन सेंटर पर फायरिंग व आढ़ती की दुकान पर फायरिंग का प्रयास करने के मामले में सीआईए-दो ने दो शार्प शूटर समेत तीन बदमाशों को कैमला गांव (करनाल) के पास से मुठभेड़ के बाद काबू किया है। इसमें दो शूटरों की टांग में गोली लगने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी संदीप पंडित निवासी नारनौंद जिला हिसार, संदीप निवासी मच्छगर जिला फरीदाबाद और रितिक निवासी लोहड बाजार भिवानी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल बाइक व दो पिस्टल बरामद हुई।
दरअसल, सीआईए-दो को इन तीनों के करनाल में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घरौंडा क्षेत्र में बाइक पर घूमने की सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक टीम ने गढ़ी मुल्लतान रोड पर उनका पीछा किया तो उन्होंने टीम पर फायरिंग कर दी। इसमें दो गोलियां पुलिस की गाड़ी पर लगी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश संदीप पंडित और संदीप की टांग पर गोली लग गई और तीनों बाइक समेत नीचे गिर गए। गिरने से उनका तीसरा साथी रितिक भी चोटिल हो गया। करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में उनका उपचार चल रहा है।
पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि 23 अक्तूबर को थाना शहर में दर्ज शिकायत में साहब सिंह निवासी बोढ़ी ने बताया था कि उसका सेक्टर-10 में इमिग्रेशन कार्यालय है। दोपहर करीब सवा तीन बजे कार्यालय के बाहर आए बदमाश ने उसके कार्यालय पर छह-सात राउंड फायरिंग की थी। गोली लगने की वजह से कार्यालय के गेट पर लगा टफन ग्लास शीशा टूट गया था। ग्लास टूटने से उनका एक कर्मी भी जख्मी हो गया था। वारदात के बाद आरोपी अपने दूसरे साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया था। इस पर कार्रवाई करते हुए सीआईए की टीम ने 31 अक्तूबर को आरोपी सूरज निवासी हथौली जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया था। आरोपी सूरज से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल व बाइक भी बरामद हुई थी। चार नवंबर को तीन और आरोपी दिवांश शर्मा व दिशांत को देवीलाल पार्क के पास से गिरफ्तार करके वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल बरामद किए थे। इन आरोपियों की निशानदेही पर टीम ने एक और आरोपी आशीष को ब्रह्मसरोवर के पास 18 मंजिला मंदिर की पार्किंग से गिरफ्तार किया था। दो दिन पहले टीम ने पांचवें आरोपी मनकीत लोहान निवासी नारनौंद को काबू किया था
संदीप पंडित ने सेंटर को बनाया था निशाना
सीआईए-दो के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि सेक्टर-10 के इमिग्रेशन सेंटर को संदीप पंडित ने निशाना बनाया था। शूटर संदीप को आशीष बाइक पर बैठाकर सेक्टर-10 लेकर आया था। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे, जबकि गत रविवार को अनाज मंडी पिपली में आढ़ती दुकान पर संदीप और रितिक वारदात को अंजाम देने आए थे। संदीप ने फायरिंग का प्रयास किया था, मगर पिस्टल जाम होने के कारण फायरिंग नहीं हो सकी थी। तब आरोपी रितिक के साथ बाइक पर फरार हो गया था।
एक-एक करोड़ की रंगदारी के लिए दिया वारदात को अंजाम
सीआईए-दो के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि रंगदारी मांगने के लिए बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। सेक्टर-10 में वारदात के बाद संचालक के पास वॉइस मैसेज भेजा गया था। हालांकि आढ़ती आजाद सिंह ने किसी भी धमकी भरी कॉल आने से इनकार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उनका मकसद दोनों जगह से एक-एक करोड़ रुपये की रंगदारी लेना था। वह करनाल में भी शनिवार को एक वारदात को अंजाम देने वाले थे।
वारदात में काका राणा का हाथ
मोहन लाल ने बताया कि पूरी वारदात के पीछे देश से अमेरिका भाग चुके काका राणा का हाथ है। वारदात की योजना मनकीत लोहान ने बनाई थी साथ ही सबको अलग-अलग जिम्मेदारी थी। आरोपी दिवांश शर्मा व दिशांत ने आशीष व संदीप को बाइक व असलाह दिया था। इस बाइक को सूरज ने खरीदा था, जिसके लिए उसके मौसेरे भाई काका राणा ने अमेरिका से 15 हजार रुपये भेजे थे। सूरज ने यह बाइक साढ़े 14 हजार रुपये में खरीदकर देवीलाल पार्क कुरुक्षेत्र के गेट के सामने खड़ी कर दी थी। इस बाइक को दिवांश और दिशांत अपने साथ ले गए थे।