कुरुक्षेत्र। प्रदेश में एक अप्रैल से किसी भी स्कूल में शिक्षक की कमी नहीं रहेगी। प्रदेश के हर स्कूल में शिक्षकों की कमी और अन्य खामियों को दूर करने के आदेश अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। इसी के साथ स्कूलों में जल्द ही इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा।
ये विचार शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सुधार की आवश्यकता है, जब तक शिक्षा का बेस मजबूत नहीं होगा, तब तक देश मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने प्राथमिक स्तर शिक्षा को मजबूत करने और जल्द एनईपी लागू करने की बात रखी।
उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 को लागू करने में कोई त्रुटि न रहे, इसके लिए आज प्रदेश में चार स्थानों पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया है, जिसमें से एक गोष्ठी का आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तो अन्य गुरुग्राम, सोनीपत और रोहतक में हुई हैं, जिसमें कई सार्थक विचार निकलकर सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने एनईपी के लिए सभी सार्थक सुझाव आमंत्रित किए हैं जिन पर विचार करके एनईपी का क्रियान्वयन किया जाएगा। समाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति, छात्र, शिक्षक, विद्वान, किसान, व्यापारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुधार के लिए अपने विचार एवं सुझाव दे सकेगा ताकि सुझाव लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन पूरे प्रदेश में किया जा सके।