कुरुक्षेत्र। जिले के उभरते युवा देश और विदेश के विभिन्न मंचों पर प्रतिभा का दमखम दिखाते हुए नई मिसाल कायम कर रहे हैं। युवा वह शक्ति है जो सपनों को संघर्ष में और संघर्ष को सफलता में बदल देती है, इस सोच को साकार करते हुए जिले के अनेक होनहार अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते आ रहे हैं।
खेल, शिक्षा, शोध, कला और तकनीक के क्षेत्र में युवाओं ने जुनून और अनुशासन के दम पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर रिकाॅर्ड कायम करने तक जिले के युवा अपनी लगन से हर दिन नए आयाम गढ़ रहे हैं। उनकी सफलता केवल उनके परिवारों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
सोनम भारतीय जूनियर महिला हॉकी की उभरती स्टार : शाहाबाद की बेटी सोनम आज भारतीय जूनियर महिला हॉकी की उभरती हुई स्टार बन चुकी हैं। छोटी उम्र से ही हॉकी को अपना सपना बनाकर सोनम ने कठिन मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का सफर तय किया।
1 दिसंबर से 13 दिसंबर 2025 तक चिली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया जिससे देश का मान बढ़ा। उनके दमदार खेल ने उन्हें सूरमा टीम से हॉकी इंडिया लीग में खेलने का मौका दिलाया। पिछले वर्ष उन्हें अपकमिंग स्टार प्लेयर के सम्मान से नवाजा गया जिसने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया। सोनम अब दोबारा लीग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं और उनका लक्ष्य शाहाबाद व हरियाणा का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करना है। ओलंपियन खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और कोच गुरबाज सिंह के विश्वास ने भी उनके खेल को नई दिशा दी है। सोनम की यह सफलता मेहनत, लगन और सपनों पर भरोसा करने की प्रेरणादायक कहानी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवि की काजल प्रस्तुत कर चुकी शोध : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की सीनियर रिसर्च फेलो व पीएचडी स्कॉलर काजल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। काजल को अमेरिका के कैलिफोर्निया में आयोजित प्रतिष्ठित गॉर्डन रिसर्च कॉन्फ्रेंस में अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए चयनित किया गया था। देश की केवल तीन चुनिंदा शोधकर्ताओं में शामिल काजल ने ऊर्जा भंडारण से जुड़ी अपनी रिसर्च के माध्यम से विश्वविद्यालय और भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। काजल का शोध ग्राफीन ऑक्साइड-कॉपर्स सल्फाइड नैनोकॉम्पोजिट के माध्यम से ऊर्जा भंडारण क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है, जो भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाएगा।
ओलंपियन रमिता जिंदल की चमकती उपलब्धियां
लाडवा ब्लॉक की प्रतिभावान निशानेबाज रमिता जिंदल ने अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। 2022 जूनियर आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में रमिता ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गर्वित किया। इसके बाद 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में उन्होंने दो पदक अपने नाम किए जिनमें महिला टीम इवेंट का कांस्य पदक प्रमुख रहा। 2024 पेरिस ओलंपिक में रमिता ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई और सातवां स्थान हासिल किया। क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 631.5 अंक लेकर पांचवां स्थान प्राप्त किया, जो उनकी प्रतिभा और निरंतर मेहनत का प्रमाण है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शुरुआत से ही लगातार बेहतर प्रदर्शन करती आ रही रमिता आज देश की उभरती हुई शूटिंग स्टार हैं।
उनकी उपलब्धियों ने न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। हाल ही में रमिता को स्पोर्ट्स वूमन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
कमर्शियल पायलट बनकर हंसिका गोयल ने बढ़ाया क्षेत्र का मान
लाडवा की होनहार बेटी हंसिका गोयल ने कमर्शियल पायलट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। छोटे कस्बे से उड़ान भरते हुए हंसिका ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर वह मुकाम हासिल किया, जो हर किसी के लिए आसान नहीं होता।महाराष्ट्र के बारामती स्थित रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर उन्होंने 200 घंटे की उड़ान का अनुभव प्राप्त किया और कमर्शियल पायलट की डिग्री हासिल की। पायलट बनने के बाद जब हंसिका घर लौटीं तो गाजे-बाजे के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया और घर में खुशी का माहौल छा गया। हंसिका अग्रवाल सभा व महावीर दल सेवा समिति के पूर्व प्रधान स्वर्गीय खेम चंद गोयल की पौत्री और रोटरी क्लब व अग्रवाल सभा के पूर्व प्रधान दुर्गेश गोयल की सुपुत्री हैं।
हंसिका ने बताया कि बचपन से आसमान में उड़ते जहाज उन्हें प्रेरित करते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कुछ ही महीनों में डीजीसीए की कठिन परीक्षा पास कर अपने सपने को सच कर दिखाया। आज हंसिका क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
पांचवें प्रयास में हासिल की 363वीं रैंक, हार न मानने का दिया संदेश
सेक्टर-सात निवासी ऋषभ मित्तल ने अप्रैल-2025 यूपीएससी परीक्षा में 363वीं रैंक हासिल कर यह साबित किया है कि निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से हर असंभव कार्य संभव हो सकता है। ऋषभ ने पांच बार परीक्षा दी और हर बार खुद को बेहतर बनाते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। कोरोना काल में उनकी तैयारी प्रभावित हुई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और रणनीति में बदलाव करते हुए नई ऊर्जा के साथ फिर जुट गए।
ऋषभ का कहना है कि सफलता के लिए धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्लेषण सबसे जरूरी हैं। कई बार असफल होने पर भी परिवार ने उनका मनोबल बढ़ाया। उनका सपना एक कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार प्रशासक बनकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। युवा दिवस पर ऋषभ का संघर्ष युवाओं को सीख देता है कि असफलता अंत नहीं बल्कि नए प्रयास की शुरुआत है।
समाजसेवा में अग्रणी हरिकेश पपोसा को मिला सम्मान
समाज सेवा, युवा जागरूकता और सांस्कृतिक सरोकारों के प्रति समर्पित हरिकेश पपोसा वर्षों से जिले में प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी में कार्यरत पपोसा ने जल सेवा, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, पोलियो उन्मूलन, नशा रोकथाम, महिला सशक्तीकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अनेक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। समाजहित में निरंतर कार्य करते हुए उन्हें 1999 में नेहरू युवा केंद्र की ओर से सर्वश्रेष्ठ युवा अवॉर्ड और 2000 में खेल व युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से सर्वश्रेष्ठ अवार्ड प्रदान किया गया। संवाद
1997 में गणतंत्र दिवस पर प्रशंसा पत्र प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने जिला व राज्य युवा उत्सव में प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय युवा उत्सवों लखनऊ, दिल्ली, हिसार, मैंगलोर और गांधीनगर में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 2004 में हरियाणा सरकार ने उन्हें राज्य सर्वश्रेष्ठ युवा अवार्ड से सम्मानित किया। रेडक्रॉस, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं।
वर्तमान में वे प्रेरणा वृद्ध आश्रम में महासचिव के रूप में सेवा दे रहे हैं और स्वदेशी जागरण मंच के साथ युवाओं में उद्यमिता व स्व-रोजगार को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2025 में विवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की ओर से उन्हें कर्मचारी अप्रिसिएशन अवार्ड प्रदान किया गया। पगड़ी परंपरा के सम्मान और साइबर जागरूकता कार्यक्रमों में भी उनकी विशेष भागीदारी रही है। उनके कार्य युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
कुरुक्षेत्र। युवा ऋषभ मित्तल।
कुरुक्षेत्र। युवा ऋषभ मित्तल।
कुरुक्षेत्र। युवा ऋषभ मित्तल।
कुरुक्षेत्र। युवा ऋषभ मित्तल।