कुरुक्षेत्र। सीआईए एक की टीम ने मंगलवार को अवैध हथियार रखने की सूचना पर एक युवक को काबू किया। आपराधिक रिकार्ड खंगाला तो युवक पिहोवा के कुख्यात राहुल मेंटल हत्याकांड का वांछित आरोपी निकला, जिसकी पुलिस को दिसबर 2024 से ही तलाश थी। काबू युवक की पहचान पिहोवा के रहने वाले रोहित कुमार उर्फ दीपू के रूप में हुई है। टीम को उसके पास से 32 बोर अवैध देसी पिस्टल व कट्टे के साथ तीन कारतूस मिले हैं।
सीआईए एक टीम को सूचना मिली थी कि रोहित के पास भारी मात्रा में असलहा है और वह सेक्टर 10 की पार्किंग में किसी का इंतजार कर रहा है। टीम ने उसे असलहे के साथ पकड़ने के लिए सेक्टर 10 की पार्किंग में निगरानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद उक्त युवक टीम को दिखाई दिया। टीम ने उसे काबू कर तलाशी ली और उक्त असलहा मिलने पर उसे गिरफ्तार कर शहर थानेसर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा पूछताछ करनी शुरू की। सीआईए एक के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि रोहित ने शुरू में कुछ नहीं बताया लेकिन जब उसका आपराधिक रिकाॅर्ड खंगाला तो वह राहुल मेंटल हत्याकांड में वांछित आरोपी निकला इसके बाद रोहित ने उस हत्याकांड में शामिल होने की बात कबूली हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि इस हत्याकांड के मामले में टीम ने तीन अन्य लवप्रीत सिंह उर्फ बाबा, जसविंदर सिंह उर्फ सेठी और मनप्रीत को पहले से गिरफ्तार कर जेल भेज रखा है।
दुश्मनी के चलते रखता है हथियार
रोहित ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी कुछ लोगों के साथ दुश्मनी चलती आ रही है। फिलहाल उसने सचिन सतौड़ा व बिट्टू रंधावा से बचने के लिए हथियार अपने पास रखा हुआ था, जोकि दोनों आपराधिक प्रवृति के हैं, वहीं रोहित ने बताया कि वह इस मामले में वांछित आरोपी था। वह उसके मेंटल से साथी उसे कहीं हमला कर मार न दें इसलिए वह हर समय अपने पास असलहा रखता था।
यह था राहुल मेंटल हत्याकांड का मामला
दो दिसंबर 2024 को पुरानी रंजिश के चलते राहुल मेंटल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों के एक साथी ने पहले राहुल को शराब पिलाई और फिर चार आरोपियों को उसकी लोकेशन दी। इसके बाद हमलावरों ने राहुल पर डंडों और नुकीली वस्तु से हमला किया, फिर उसकी छाती में गोली मारकर भाग गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि गोली छाती और फेफड़े को चीरती हुई कमर में फंस गई थी, जिसे मृत्यु का कारण बताया गया। राहुल मेंटल स्वयं एक कुख्यात अपराधी था, जिसके खिलाफ चोरी, हत्या का प्रयास, शस्त्र अधिनियम और नशीली वस्तु अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज थे। हत्या के समय वह जमानत पर बाहर था।