सट्टा खेलने के मामले की तफ्तीश के लिए उठाए गए एक युवक के लापता होने पर मंगलवार को लाडवा पुलिस की सांसे सांसत में फंस गई। लापता युवक के परिजनों ने मंगलवार देर रात थाने में पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस युवक के परिजनों के साथ रातभर उसे ढूंढती रही। लेकिन रात भर की मशक्कत के बाद भी युवक नहीं मिला। अगले दिन सुबह युवक के इंद्री कस्बे में मिलने पर परिजनों के साथ-साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार लाडवा थाना प्रभारी कमलदीप राणा सट्टा खाईवाली के एक मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार रात करीब आठ बजे राजू नाम के युवक को अंबेडकर चौक स्थित उसकी दुकान से थाने लेकर आए थे। इसकी सूचना परिजनों को भी मिली। लेकिन देर रात तक जब राजू घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजन उसके तलाश करने निकले।
परिजन, पड़ोसियों और वार्ड पार्षद दर्शन पोपली को लेकर थाने पहुंचे। लेकिन पता चला कि राजू यहां भी नहीं है। परिजनों ने इसके बाद थाना प्रभारी से राजू के संबंध में जानकारी ली। तब उन्होंने बताया कि राजू को उन्होंने कुछ देर बाद ही इंद्री रोड पर हनुमान गेट पर बीरे की चक्की के पास छोड़ दिया था। लेकिन परिजनों ने इस बात का यकीन नहीं किया और थाने में जमकर हंगामा किया।
पुलिस के भी हाथ पैर फूले
राजू के घर नहीं पहुंचने से पुलिस के भी हाथ पैर फूल गए। थाना प्रभारी ने एक पीसीआर को राजू के भाई के साथ उसे तलाशने भेजा। लेकिन पूरी रात तलाश करने के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला। इस पर परिजनों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस और परिजनों की उस वक्त राहत मिली जब बुधवार सुबह राजू इंद्री बस अड्डे पर देखा गया। जिसकी सूचना मिलने पर परिजन उसे इंद्री से लेकर लाडवा आए और बाद में लाडवा थाने पहुंचे। लाडवा थाने में युवक के बयान लिखकर उसे घर भेज दिया गया।
रिश्तेदार ने दी खबर
राजू के बडे़ भाई संजय कुमार ने बताया कि मंगलवार रात साढ़े आठ बजे उसके रिश्तेदार नरेश ने उसे बताया कि उसके भाई राजू को पुलिस उठाकर ले गई है। इसके बाद रात करीब दस बजे वह अपने परिजनों और पड़ोसियों के साथ लाडवा थाना पहुंचा। यहां से पता चला कि उसे पहले ही बीरे की चक्की के पास छोड़ दिया गया था। संजय के मुताबिक परिजन उसे सारी रात तलाशते रहे। रिश्तेदारों के यहां भी पूछा, लेकिन उसका पता नहीं चला। बुधवार सुबह इंद्री में काम करने वाले एक रिश्तेदार ने सूचना दी कि उसे राजू को इंद्री बस स्टैंड पर देखा है। इसके बाद परिजन वहां गए और उसे लेकर आए।
नहर में कूदने गया था इंद्री
राजू ने आरोप लगाया कि एक बार पुलिस ने सट्टा खाईवाली में चालान किया था। इसके बाद से ही अक्सर पुलिस वाले अंबेडकर चौक स्थित दुकान पर आकर उससे गाली गलौच करते थे। साथ ही दूसरे साथियों का नाम पता जानने के लिए धमकाते भी थे। राजू का आरोप है कि मंगलवार रात को भी थाना प्रभारी कमलदीप राणा उसे पकड़कर अपनी गाड़ी में बिठा लिया था। उसे लेकर इंद्री रोड की तरफ ले गए। पुलिस के छोड़ने के बाद वह तनाव में था और नहर में कूदने के लिए इंद्री चला गया।
इस बारे में लाडवा थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने सट्टा खाईवाली के एक मामले में पूछताछ के लिए युवक राजू को अपनी गाड़ी में बिठाया था, लेकिन कुछ दूर जाकर बीरे की चक्की के पास छोड़ दिया था। उन्होंने युवक को धमकाने और गाली-गलौच करने के आरोप को पूरी तरह नकार दिया।