कुरुक्षेत्र। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से वक्फ बोर्ड की आड़ में पूरे पश्चिम बंगाल में फैली हिंदू विरोधी हिंसा के विरोध में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ता जिला उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचे और संत समाज के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पश्चिम बंगाल के संघीय ढांचे को ध्वस्त कर रही है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है। साथ ही हिंदू त्योहार मनाने की अनुमति नहीं दी जा रही और उनको सुरक्षा देने वाले अर्ध सैनिक बलों को निशाना बनाया जा रहा है।
ममता सरकार असामाजिक तत्वों और जेहादी लोगों पर नियंत्रित करने में असफल रही है। इसलिए तुरंत प्रभाव से पश्चिम बंगाल सरकार को बर्खास्त करके वहां पर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। मांग की गई की बंगाल हिंसा की जांच एनआईए से करवाई जाए। केंद्रीय सुरक्षा बलों को पश्चिम बंगाल की सुरक्षा सौंपी जाए। बांग्लादेशी घुसपैठियों की तुरंत पहचान करके उन्हें निष्कासित किया जाए।
पश्चिम बंगाल की सीमा पर 450 किलोमीटर लंबी तार लगाने का काम तुरंत प्रभाव से किया जाए। रोष प्रदर्शन का नेतृत्व संत समाज की ओर से संत राजेंद्र पुरी और संत वासुदेवानंद ने किया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से अजय गुप्ता, राजेंद्र सैनी ,भारत, सुल्तान, जिला प्रचार प्रमुख राजेश उपस्थित रहे।