कुरुक्षेत्र। गीता स्थली ज्योतिसर में हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म के मार्ग पर चलने के लिए गीता के उपदेश दिए थे। इस गीता स्थली से आज भी इन उपदेशों के माध्यम से पूरे देश का शांति का संदेश मिल रहा है। जो व्यक्ति, राज्य, देश पवित्र ग्रंथ गीता के इन उपदेशों का अनुसरण करेगा वे निश्चित ही उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। ये विचार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने व्यक्त किए। वे बुधवार को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में गीता स्थली ज्योतिसर में पवित्र ग्रंथ गीता की पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, बाबा भूपेंद्र सिंह महाराज ने ज्योतिसर अनुभव केंद्र का अवलोकन भी किया और यहां पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने गीता स्थली ज्योतिसर के प्रोजेक्ट और वट वृक्ष को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत की है। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, बाबा चिन्तापूरी महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील राणा, भाजपा नेता सुभाष कलसाना, जयभगवान शर्मा डीडी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने मंत्रोच्चारण के बीच गीता जयंती पर चल रहे यज्ञ में पूर्णाहुतियां डाली और पंडित नरेश शर्मा व वेदपाठियों ने विश्व शांति के लिए पूजा करवाई। पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया गया और जिस वट वृक्ष के नीचे हजारों वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन का मोह भंग करने के लिए उपदेश दिए थे उस वट वृक्ष को भी देखा।
इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस तीर्थ स्थल के सुंदरीकरण और आध्यात्मिक दृष्टि से कुछ सुधार करने के लिए अधिकारियों से बातचीत भी की और कहा कि इस पवित्र स्थल और तीर्थ को विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से महाभारत थीम पर आधारित एक भव्य अनुभव केंद्र बनाया गया है। प्रदेश सरकार ने ज्योतिसर में महाभारत थीम पर आधारित भवन, आर्टिस्टिक प्रदर्शनी, थीमेटिक, मल्टीमीडिया प्रोजेक्ट के लिए करोड़ों रुपये का बजट पारित किया गया था। इस बजट में से गैलरियों के निर्माण कार्य पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जा चुका है।