शाहाबाद। गांव कठवा के समीप खेतों में बहता मारकंडा का पानी। संवाद
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। मारकंडा के जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों के लोगों के साथ-साथ प्रशासन की सांसें अटकी रही। मानसून के इस सीजन में 10 वीं बार मारकंडा का जलस्तर बढ़ा, जो 20 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। हालांकि इस मानसून सीजन में इससे पहले कुछ पानी ही कठवा व आसपास के गांवों में पहुंचा था लेकिन शुक्रवार रात को जलस्तर बढ़ने से 12 गांवों के खेत डूब गए। पहाड़ों में तेज बारिश के चलते शनिवार तड़के शाहाबाद में नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया। गेज रीडर रविंदर के अनुसार जलस्तर में कुछ और बढ़ोतरी संभव है, हालांकि पहाड़ों में बारिश थम जाने के कारण अगले कुछ घंटों में गिरावट आने की उम्मीद भी है। उधर नदी के बढ़ते पानी से एक बार फिर गांव कठवा में फसलें और सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हुई और जनजीवन प्रभावित हुआ।
इसके अलावा पट्टी जामड़ा, गुमटी, मलकपुर, कलसाना, तंगौर, मुगलमाजरा समेत दर्जनों गांवों में भी फसलें डूब गईं। शुक्रवार रात से ही बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। नदी किनारे बसे गांवों में रात को ही मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया और सरपंचों को हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। शाहाबाद एसडीएम चिनार चहल ने दिन में कई बार नदी का दौरा किया और प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिए।
पानी बढ़ने की वजह : शुक्रवार देर रात काला अंब में मारकंडा में करीब 37 हजार क्यूसिक पानी आंका गया। वहीं अंबाला के मुलाना से पहले नदी में मिलने वाले बरसाती नालों से भी हजारों क्यूसिक पानी का बहाव नदी में शामिल हुआ।
शाहाबाद। गांव कठवा के समीप खेतों में बहता मारकंडा का पानी। संवाद
शाहाबाद। गांव कठवा के समीप खेतों में बहता मारकंडा का पानी। संवाद