कुरुक्षेत्र। लंबे समय से प्रतीक्षित थानेसर एलिवेटेड रेलवे ट्रैक पर अब जल्द ही ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। मार्च माह से ट्रेन संचालन शुरू होगा जिसके लिए शहरवासियों में उत्साह का माहौल है। छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि आधुनिक रेलवे स्टेशन और प्लेटफॉर्म का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।
मार्च में संचालन से पहले हाई पावर इंजन के साथ एलिवेटेड ट्रैक का फाइनल ट्रायल किया जाएगा। इसके सफल होते ही ट्रेन को हरी झंडी दी जाएगी। इससे पहले नवंबर 2024 में ट्रायल किया गया था, जोकि सफल रहा था।
हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (एचआईआरडीसी) की ओर से करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है। इसमें लगभग 250 करोड़ रुपये की राशि केवल एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण पर खर्च की गई है। थानेसर के पुराने रेलवे स्टेशन की जगह पर अब मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर नया और अत्याधुनिक स्टेशन आकार ले रहा है। स्टेशन के नीचे यात्री सुविधाओं वाला भवन और उसके ऊपर 600 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म बनाया गया है।
प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और स्टेशन का लगभग 85 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। फिलहाल सीढ़ियों, रैंप, लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है, ताकि यात्रियों को सुगम और सुरक्षित आवागमन मिल सके।
नए स्टेशन परिसर में आधुनिक बुकिंग काउंटर, बेहतर वेटिंग एरिया, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। एलिवेटेड ट्रैक और स्टेशन के चालू होते ही थानेसर शहर के पांच रेलवे फाटक स्थायी रूप से बंद हो जाएंगे जिससे रोजाना लगने वाले जाम से हजारों लोगों को राहत मिलेगी और यातायात काफी सुचारू हो जाएगा।
किया जाएगा फाइनल ट्रायल : शंकर लाल
स्टेशन अधीक्षक शंकर लाल मीणा का कहना है कि फरवरी माह के अंत तक स्टेशन का कार्य पूरा होने की पूरी उम्मीद है। यह आधुनिक स्टेशन न केवल थानेसर की पहचान बदलेगा बल्कि शहर के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर भी साबित होगा। ट्रायल पहले किया जा चुका है लेकिन यात्रियों को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए फाइनल ट्रायल किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र। एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ स्टेशन की लिफ्ट के लिए किया जा रहा निर्माण। संवाद