शाहाबाद। आर्य समाज भवन में आर्य समाज के प्रवर्तक महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन-यज्ञ से हुआ जिसमें दूर-दराज से आए विद्वानों व संगीताचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार व भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ध्वजारोहण किया गया और उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्रसेवा व नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में युवा समाजसेवी व प्रबंधक दीपक मंगला और वेद भूषण गुप्ता ने कहा कि महर्षि दयानंद ने समाज से अज्ञानता, कुरीतियों, पाखंड और अंधविश्वास को दूर करने के लिए वैदिक सिद्धांतों पर आधारित आर्य समाज की स्थापना की। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि अन्य महापुरुषों की तरह दयानंद जयंती को भी राजकीय स्तर पर मनाया जाए और विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में महर्षि दयानंद सरस्वती का विश्वस्तरीय स्मारक स्थापित किया जाए। आयोजकों की ओर से नि:शुल्क सिलाई सेंटर व कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।