कुरुक्षेत्र। फसल विविधीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत खरीफ 2026 में हरी खाद की फसल ढैंचा और दलहन फसलें जैसे समर मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन व ग्वार की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत पूरे राज्य में 4.50 लाख एकड़ क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से जिले के लिए 30,000 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण के उपनिदेशक डाॅ. कर्मचंद ने कहा कि योजना के तहत जो किसान ढैंचा, दलहन फसलें (समर मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन) या ग्वार की बुवाई करेंगे, उन्हें विभाग की ओर से 1000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से खेत में फसल की भौतिक सत्यापन के बाद प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। यह पंजीकरण मार्च 2026 के प्रथम सप्ताह से 15 अप्रैल तक खुला रहेगा। पंजीकरण बंद होने के बाद 16 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खेतों का सत्यापन किया जाएगा। किसान ढैंचा, दलहन फसलें या ग्वार का बीज खुले बाजार से खरीद सकते हैं तथा सहायता प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर फसल की फोटो अपलोड करनी होगी।