राम-राम... के हाल चाल सै... शब्दों को कहकर युवाओं से रूबरू हुए बॉलीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा। तालियों के बीच उन्होंने सभी को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। कहा कि हरियाणवी फिल्मों को फिल्म जगत में शिखर पर ले जाना उनका लक्ष्य है।
इसकी शुरुआत हरियाणा की माटी से कर दी है। फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा वीरवार की शाम केयू सभागार में तीसरे दिन के समारोह को मुख्य मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं से अपने मन की बात करने के लिए सांस्कृतिक कलाओं के महाकुंभ रत्नावली में विशेष तौर पर पहुंचे हैं। दर्शकों की तालियां और हंसी ही उनकी सबसे बड़ी कमाई है। उन्होंने कहा कि बालीवुड में उन्हें कई बार दु:ख और अफसोस होता है कि बड़े-बड़े फिल्म निर्माता और अभिनेता हरियाणा में फिल्म बनाना और शूटिंग करना पसंद नहीं करते।
लेकिन, हरियाणा की पावन धरा से फिल्म बनाने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर बच्चे में प्रतिभा छिपी है। यहां के हर इंसान में खासियत है। यहां के लोग भी तक अपनी 30 प्रतिशत प्रतिभा को ही दिखा पा रहे हैं।
शेष 70 प्रतिशत प्रतिभा को दिखाने के लिए अपने आपको और जागरूक करना होगा। रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीन सैनी और डीवाईसीए के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट किया।